शनिवार को अमावस्या हो तो उसी रात्रि में भगवती चामुंडा का अष्टांग पूजन करे। पूजा के उपरांत भगवती को 16 श्रृंगार अर्पण करे और नीचे दिया हुआ क्रम कर ले।
अर्गला स्तोत्र 3 पाठ
चंडी कवच 11 पाठ
मूर्ति रहस्य 3 पाठ।
सिद्ध कुंजिका 3 पाठ।
ये अनुष्ठान कम से कम 3 बार शनिवार को अमावस्या आए तब तब करे।
भगवती चामुंडा की कृपा से आपकी सर्वत्र रक्षा होगी और सभी कार्यों में सफलता मिलने लगेगी।
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