१. आध्यात्मिक एवं तांत्रिक महत्व शिव से जुड़ाव
शिव पुराण में बिल्व को शिवद्रुम कहा गया है।
बिल्व फल मोक्ष का प्रतीक है – बाहर से कठोर, अंदर से दिव्य अमृत जैसा।
इसे शिवलिंग पर चढ़ाने या पूजा में रखने से सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
तंत्र में इसे रक्षा कवच, लक्ष्मी प्राप्ति, शत्रु नाश, और नकारात्मक ऊर्जा हटाने के लिए प्रयोग किया जाता है।
२. चमत्कारी तांत्रिक प्रयोग एवं उपाय। अनुभव से युक्त।
⚡ उपाय १: धन-लक्ष्मी प्राप्ति का सबसे शक्तिशाली बिल्व प्रयोग
एक ताजा बिल्व फल लें।
उसे साफ करके लाल कपड़े पर रखकर उसके सामने बैठकर ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः मंत्र 11 माला जप करें।
फल को लाल कपड़े में लपेटकर अपने तिजोरी/पर्स/धन स्थान में रखें।
हर पूर्णिमा को इसे बदलें और पुराने फल को किसी मंदिर में दान कर दें।
परिणाम: धन की तंगी दूर होती है, व्यापार में वृद्धि, अप्रत्याशित कमाई के योग बनते हैं। (लक्ष्मी प्राप्ति के लिए प्रसिद्ध उपाय)
⚡ उपाय २: शत्रु नाश + रक्षा कवच
बिल्व फल को आधा काटें (बिना बीज निकाले)।
अंदर थोड़ा कुमकुम/चंदन लगाकर ॐ नमः शिवाय 108 बार जप करें।
इसे किसी सुरक्षित स्थान पर रखें या घर के मुख्य द्वार के पास लटकाएँ।
परिणाम: घर-परिवार पर बुरी नजर, टोटका, शत्रु बाधा से रक्षा मिलती है।
⚡ उपाय ३: संकट निवारण + मनोकामना पूर्ति
सोमवार या प्रदोष काल में बिल्व फल को शिवलिंग पर चढ़ाएँ।
चढ़ाने से पहले बिल्वाष्टकम या ॐ त्र्यम्बकं यजामहे मंत्र का जाप करें।
फल चढ़ाने के बाद उसका गूदा प्रसाद के रूप में ग्रहण करें।
परिणाम: बड़े से बड़े संकट दूर होते हैं, इच्छाएँ पूरी होती हैं।
⚡ उपाय ४: व्यापार/नौकरी में बाधा दूर करने का उपाय
बिल्व फल का गूदा निकालकर सुखा लें → भस्म बना लें।
इस भस्म को थोड़ा चंदन मिलाकर तिलक लगाएँ या घर के मुख्य द्वार पर लगाएँ।
परिणाम: व्यापार में रुकावटें खत्म, नौकरी में प्रमोशन/स्थिरता।
⚡ विशेष ध्यान रखे: बिल्व फल कभी भी टूटा-फूटा न लें। पूर्ण, स्वस्थ और हरा-भरा ही प्रयोग करें।
श्री सीताराम विजयते 🚩
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