इसके वृक्ष विशालकाय एवं विशाल शाखा प्रशाखाओं वाले होते हैं।
इसे #राजदान भी कहा जाता है
क्योंकि यह
#राजा-#महाराजाओं का #प्रिय #फल था और इसीलिए इसका नाम #राजदान पड़ा।
आम बोलचाल की भाषा में इसे #खिरनी कहा जाता है।
इसके फल #पौष्टिक गुणों से भरपूर होते हैं।
इसके #फलों_में_दूध होता है।
इसके #तने_से_गोंद भी निकलता है जो विभिन्न आयुर्वेद की औषधियों के निर्माण में प्रयुक्त होता है।
पुरुषों के #शुक्र_दौर्बल्य के लिए यह #अनोखा_फल है।
इस पेंड़ के संरक्षण की आवश्यकता है क्योंकि अब यह पेंड़ विलुप्ति के कगार पर हैं।
हमारे विद्यालय के सामने गुलाबबाड़ी में इसके बहुत पेंड़ थे जो अब नहीं दिखाई देते।
🌹हरे कृष्ण 🌹
Dr. Rajpoot ~ 9452 319 885
साभार - आधुनिक आयुर्वेद
वयं राष्ट्रे जागृयाम
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