यह एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधीय पौधा है, खासकर दाँतों और मसूड़ों के रोगों में अत्यंत उपयोगी माना जाता है।
🌿 पहचान (Identification).......⭐⭐⭐⭐
✅स्वरूप👉🏻छोटा हर्बल पौधा
✅पत्तियाँ👉🏻हरी, चिकनी, हल्की दाँतेदार किनारी
✅फूल👉🏻पीले रंग के, छोटा गोल स्पंज जैसा
✅बीज👉🏻काले और छोटे आकार के
✅स्वाद👉🏻हल्का तीखा और सुन्न करने वाला
✅जब फूल को मुँह में रखा जाए तो हल्की झनझनाहट और सुन्नता महसूस होती है — यही इसका औषधीय प्रभाव है।
🌍 कहाँ पाया जाता है??????,,,✳️✳️✳️✳️
✅भारत, श्रीलंका, नेपाल और दक्षिण एशिया में मुख्य रूप से पाया जाता है।
✅ जंगलों, पहाड़ी क्षेत्रों और खेतों के किनारों पर स्वतः उगता है।
🍂 पारंपरिक मान्यता (Old Beliefs)..🍁🍁🍁🍁🍁
👉 आयुर्वेद में इसे दाँतों और मसूड़ों का सबसे शक्तिशाली पौधा माना गया है।
👉प्राचीन वैद्य इसका उपयोग दंतमंजन बनाने में करते थे।
👉 माना जाता था कि यह दाँतों को वज्र (हीरे) जैसा मजबूत बनाता है – इसी से इसका नाम वज्रदंती पड़ा।
✨ औषधीय गुण (Medicinal Benefits)...✳️✳️✳️✳️
✔️ दाँत दर्द में तुरंत आराम
✔️ मसूड़ों की सूजन (Gingivitis) में लाभकारी
✔️ पायरिया और बदबूदार सांस दूर करता है
✔️ दाँतों को मजबूत बनाता है
✔️ बैक्टीरिया और संक्रमण को रोकता है
✔️ हड्डियों और दाँतों में कैल्शियम अवशोषण बढ़ाता है
✔️ फंगल और बैक्टीरियल इंफेक्शन में उपयोगी
🪥 उपयोग (How to Use)...😁😁😁😁
1️⃣ कच्चे फूल चबाना..🍁🍁🍁🍁🍁
👉1–2 फूल चबाने से
👉मसूड़ों की सूजन कम
👉दर्द में तुरंत आराम
2️⃣ जड़ों का काढ़ा......🍃🍃🍃🍃🍃🍃
👉आधा कप पानी में जड़ उबालकर कुल्ला करना → पायरिया और बदबू में लाभकारी।
3️⃣ दंतमंजन (Tooth Powder),,,,,🦷🦷🦷🦷
👉वज्रदंती पाउडर + लौंग पाउडर + सेंधा नमक मसूड़ों को मजबूत करता है।
4️⃣ आयुर्वेदिक तेल
👉 वज्रदंती तेल मसूड़ों में लगाने से रक्तसंचार बढ़ता है और दाँत मजबूत होते हैं।
⸻
🌱 ✳️✳️खेती (Cultivation)✳️✳️✳️✳️✳️
✅मिट्टी👉🏻रेतीली या दोमट
,✅धूप👉🏻आंशिक धूप, पूरी छाया भी चलेगी
✅पानी👉🏻मध्यम
✅तापमान👉🏻18–35°C
कटिंग या बीज द्वारा बहुत आसानी से उगता है।
⚠️ सावधानी....🚫🚫🚫
✅अधिक मात्रा में सेवन से मुँह ज्यादा सुन्न हो सकता है।
✅गर्भवती महिलाएँ या छोटे बच्चों को सेवन कराने से पहले वैद्य की सलाह जरूरी।
🌼निष्कर्ष🌼
वज्रदंती पौधा प्रकृति द्वारा दिया गया शक्तिशाली हर्बल टूथ केयर प्लांट है।
यह दाँतों, मसूड़ों, बदबू, और पायरिया जैसी समस्याओं में अत्यंत लाभकारी है और आज भी कई आयुर्वेदिक टूथपेस्ट में इसका उपयोग होता है।
साभार - सोनी गोवर्धन
संदर्भ -https://www.facebook.com/share/p/1CmknjcEtT/
वयं राष्ट्रे जागृयाम
No comments:
Post a Comment