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Thursday, 19 March 2026

भारतीय संवत्सर के "बारह मास" की गिनती और नाम स्मरण रखें।

हे सर्वरक्षक! सर्व व्यापक सर्वांतर्यामी सर्वज्ञ और सर्वाधार परमेश्वर!
सृष्टि का नववर्ष आज से प्रारंभ आप ने किया है।
वैदिक "संकल्प पाठ" के अनुसार आज मानव सृष्टि संवत् : १,९६,०८,५३,१२७ अर्थात् एक अरब छानवे करोड़ आठ लाख तेरपन हजार एक सो सत्ताइस वाँ वर्ष तथा विक्रम संवत् २०८३ प्रारंभ हुआ है।

🙏🌺हम सब का आज नववर्ष - चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का मंगल दिन है। हार्दिक शुभ कामनाएं! 🌺🙏
भारतीय संवत्सर के "बारह मास" की गिनती और नाम स्मरण रखें।

प्रथम महीना चैत से गिन
राम जनम का जिसमें दिन।।१।।

द्वितीय माह आया वैशाख।
वैसाखी पंचनद की साख।। २ ।।

ज्येष्ठ मास को जान तीसरा।
अब तो जाड़ा सबको बिसरा।। ३ ।।

चौथा मास आया आषाढ़।
नदियों में आती है बाढ़।। ४ ।।

पांचवें सावन घेरे बदरी।
झूला झूलो गाओ कजरी।। ५ ।।

भादौ मास को जानो छठा।
कृष्ण जन्म की सुन्दर छटां।। ६ ।।

मास सातवां लगा कुंआर।
नवरात्रि की आई बहार।। ७ ।।

कार्तिक मास आठवां आएं।
दीवाली के दीप जलाएं।। ८ ।।

नवां महीना आया अगहन।
अब तो बढ़ गई है ठिठुरन।। ९ ।।

पूस मास है क्रम में दस।
संक्रांति पर्व मनाते है सब।। १० ।।

ग्यारहवां मास माघ को गाओ।
समरसता का भाव जगाओ।। ११ ।।

मास बारहवां फाल्गुन आया।
साथ में होली के रंग लाया।। १२ ।।

बारह मास हुए अब पूरे।
छोड़ो न कोई काम अधूरे।। १३ ।।

करो नित्य संध्या हवन।
छोड़ो न स्वाध्याय उपासन।। १४ ।।

करो प्रतिदिन राष्ट्र चिंतन ।
छोड़ो न कभी आत्म निरीक्षण।। १५ ।।

साभार - ✍️जिज्ञासु योग वेद साधक

वयं राष्ट्रे जागृयाम