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Thursday, 19 February 2026

अमोघ व्यापार वृद्धि मंत्र

जय गुरु गोरखनाथ 🙏 अलख निरंजन!🙏🙏🙏

❓ नाथ परंपरा का अमोघ व्यापार वृद्धि मंत्र☘️

नाथ परंपरा – वो परंपरा जिसके सिद्ध योगियों ने अपनी तपस्या से ब्रह्मांड की शक्तियों को वश में किया। इसी महान परंपरा के शिरोमणि हैं महायोगी गुरु गोरखनाथ जी! आज हम आपके लिए लेकर आए हैं गुरु गोरखनाथ जी का एक ऐसा अत्यंत प्रभावशाली सिद्ध शाबर मंत्र, जो आपके व्यापार में चमत्कारिक वृद्धि कर सकता है। यह कोई सामान्य मंत्र नहीं, बल्कि नाथ सम्प्रदाय का सिद्ध किया हुआ शाबर मंत्र है, जिसकी शक्ति अपार है। चाहे आपकी दुकान हो, शोरूम हो, ऑनलाइन बिजनेस हो या कोई भी व्यापार, यह मंत्र आपके धन-लाभ के सभी मार्ग खोल देगा।

🔍 शाबर मंत्र की महिमा

गुरु गोरखनाथ जी ने अपनी साधना से अनेक शाबर मंत्रों को सिद्ध किया। शाबर मंत्र की विशेषता यह है कि ये लोक भाषा में होते हैं, इनमें संस्कृत की जटिलता नहीं होती, लेकिन इनकी शक्ति किसी भी वैदिक मंत्र से कम नहीं होती। शाबर मंत्र सीधे सिद्ध योगियों की वाणी से निकले हुए मंत्र हैं, जो तुरंत प्रभाव दिखाने की क्षमता रखते हैं। व्यापार वृद्धि के लिए यह मंत्र इसलिए विशेष है क्योंकि इसमें गुरु गोरखनाथ जी की आज्ञा शक्ति, नवनाथों का आशीर्वाद और कुबेर देवता की कृपा – तीनों का संयोग है।

📜 व्यापार वृद्धि का सिद्ध शाबर मंत्र

मन्त्र ||
ओम विष्णु प्रिया लक्ष्मी, शिव प्रिया सती से प्रकट हुई।
कामाक्षा भगवती आदि शक्ति, युगल मुर्ति महिमा अपार,
दोंनो की प्रीती अमर, जानें संसार।
दुहाई कामाक्षा की। आय बढ़ा, व्वय घटा। दया कर माई।
ओम नमः विष्णु प्रियाय। ओम नमः शिव प्रियाय।
ओम नमः कामाक्षाय। ह्रीं ह्रीं श्रीं श्रीं फट् स्वाहा॥

⚡ पूरी साधना विधि (21 दिवसीय प्रयोग)

शुभ मुहूर्त – गुरुवार या रविवार के दिन साधना शुरू करें। गुरु पुष्य नक्षत्र का योग मिल जाए तो अत्यंत शुभ।

साधना का समय – प्रातःकाल ब्रह्ममुहूर्त में (सुबह 4 से 6 बजे) या संध्या काल में सूर्यास्त के समय।

साधना स्थान – व्यापार स्थल पर या घर के पूजा स्थान पर पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें।

आवश्यक सामग्री

➤ पीला कपड़ा, गुरु गोरखनाथ जी का चित्र या मूर्ति

➤ घी का दीपक, धूप-अगरबत्ती

➤ एक लोटा जल, पीले फूल, अक्षत (चावल)

➤ केसर का तिलक, एक नारियल, गुड़ या मिश्री

➤ रुद्राक्ष की माला

साधना की विधि

➤ स्नान करके स्वच्छ पीले या सफेद वस्त्र धारण करें।

➤ पूजा स्थान पर बैठकर गुरु गोरखनाथ जी का ध्यान करें, केसर का तिलक लगाएं, पीले फूल अर्पित करें।

➤ तीन बार "ॐ नमो आदेश गुरु गोरखनाथ को" बोलकर गुरु वंदना करें।

➤ रुद्राक्ष की माला पर इस मंत्र का जप प्रारंभ करें।

➤ प्रतिदिन 3 माला (324 बार) मंत्र का जप करें।

➤ लगातार 21 दिनों तक बिना नागा साधना करें।

➤ जप के बाद गुरु गोरखनाथ जी को गुड़ या मिश्री का भोग लगाएं।

➤ भोग प्रसाद स्वयं ग्रहण करें या किसी जरूरतमंद को दें।

➤ 21 दिन पूर्ण होने पर अंतिम दिन नारियल चढ़ाकर विशेष पूजा करें।

⚠️ महत्वपूर्ण नियम और सावधानियाँ

➤ साधना काल में ब्रह्मचर्य का पालन अनिवार्य है।

➤ 21 दिन तक सात्विक भोजन करें। मांस, मदिरा, लहसुन-प्याज वर्जित है।

➤ साधना काल में किसी से इस मंत्र के बारे में चर्चा न करें, मौन रहें।

➤ मंत्र जप के समय व्यापार वृद्धि का स्पष्ट चित्र मन में बनाएं, संकल्प शक्ति मजबूत रखें।

➤ साधना बीच में न छोड़ें। एक दिन भी छूटने पर पूरी साधना दोबारा शुरू करनी होगी।

✅ साधना के परिणाम

➤ व्यापार स्थल पर ग्राहकों की संख्या में वृद्धि

➤ अटके हुए सौदे बनने लगेंगे

➤ प्रतिस्पर्धियों से आगे निकलने की शक्ति

➤ धन का प्रवाह निरंतर बना रहेगा

➤ व्यापार की बाधाएं स्वतः दूर होंगी

➤ नए व्यापारिक अवसर सामने आएंगे

🔊 वैकल्पिक उपाय

अगर आप स्वयं मंत्र का जप नहीं कर सकते, तो इस मंत्र को प्रतिदिन अपने व्यापार स्थल पर सुन सकते हैं। सुनने से भी समस्त लाभों की प्राप्ति होगी।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: क्या यह मंत्र हर तरह के व्यापार के लिए प्रभावी है?
उत्तर: हां, यह मंत्र हर प्रकार के व्यापार-व्यवसाय के लिए समान रूप से प्रभावी है। चाहे आप दुकान चलाते हों, शोरूम हो, ऑनलाइन बिजनेस करते हों, फैक्ट्री हो या ऑफिस – इस मंत्र की शक्ति सभी के लिए एक समान काम करती है।

प्रश्न 2: क्या महिलाएं यह साधना कर सकती हैं?
उत्तर: हां, सच्ची श्रद्धा और विश्वास रखने वाली कोई भी महिला इस साधना को कर सकती है। हां, मासिक धर्म के दौरान साधना न करें, उन दिनों में सिर्फ मंत्र का मानसिक जाप करें।

प्रश्न 3: क्या माला का होना अनिवार्य है?
उत्तर: माला से जप करने से मंत्र की ऊर्जा एकाग्र होती है और अधिक प्रभाव मिलता है। रुद्राक्ष की माला सर्वोत्तम मानी गई है। अगर माला न हो तो अंगुलियों से गिनती करके भी जप कर सकते हैं।

प्रश्न 4: अगर एक दिन साधना छूट जाए तो क्या करें?
उत्तर: यदि एक दिन भी साधना छूट जाए तो पूरी 21 दिन की साधना दोबारा शुरू करनी होगी। इसलिए नियमितता बनाए रखना बहुत जरूरी है। साधना शुरू करने से पहले अपनी दिनचर्या देख लें।

प्रश्न 5: क्या सिर्फ मंत्र सुनने से भी लाभ होगा?
उत्तर: हां, यदि स्वयं जप करना संभव न हो तो नियमित रूप से इस मंत्र को सुनने से भी लाभ प्राप्त होता है। मंत्र की तरंगें वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा फैलाती हैं और व्यापार में वृद्धि होती है।

प्रश्न 6: क्या यह मंत्र कर्ज से मुक्ति दिला सकता है?
उत्तर: यह मंत्र सीधे व्यापार वृद्धि के लिए है। व्यापार बढ़ने से आय बढ़ेगी, जिससे कर्ज चुकाने की क्षमता बनेगी। नियमित साधना से आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होती है और कर्ज का बोझ अपने आप कम होने लगता है।

प्रश्न 7: साधना के दौरान क्या खाने-पीने की कोई पाबंदी है?
उत्तर: हां, साधना काल में सात्विक भोजन करना चाहिए। मांस-मदिरा, लहसुन-प्याज, तामसी भोजन से दूर रहें। हल्का और पौष्टिक भोजन लें। इससे मन शुद्ध रहता है और मंत्र का प्रभाव बढ़ता है।

प्रश्न 8: क्या यह मंत्र प्रतिस्पर्धियों को नुकसान पहुंचाने के लिए है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। यह मंत्र आपके अपने व्यापार की वृद्धि के लिए है, किसी को हानि पहुंचाने के लिए नहीं। किसी के प्रति द्वेष भाव रखकर यह साधना न करें। सकारात्मक संकल्प के साथ ही साधना करें।

प्रश्न 9: क्या इस मंत्र का जप किसी भी समय किया जा सकता है?
उत्तर: सबसे अच्छा समय ब्रह्ममुहूर्त (सुबह 4-6 बजे) है। यदि यह संभव न हो तो संध्या काल में सूर्यास्त के समय भी कर सकते हैं। दिन के अन्य समय में भी कर सकते हैं, लेकिन प्रातः और संध्या का समय विशेष प्रभावी है।

प्रश्न 10: क्या यह साधना परिवार के दूसरे सदस्य भी कर सकते हैं?
उत्तर: हां, परिवार का कोई भी सदस्य इस साधना को कर सकता है। सभी मिलकर भी कर सकते हैं। इससे व्यापार में और अधिक वृद्धि होती है।
📚 विशेष -  पुस्तक "सिद्ध शाबर मंत्र कोष" में गुरु गोरखनाथ सहित नाथ परंपरा के 101 सिद्ध शाबर मंत्रों का संग्रह होगा।

संदर्भ - https://www.facebook.com/share/1TP2hL7nw7/

॥ गुरु गोरखनाथ जी की जय ॥
॥ अलख निरंजन ॥

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