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Thursday, 8 October 2026

"सेठानी का जोहड़ा " चूरु - राजस्थान

                     "सेठानी का जोहड़ा "
                   चुरु (राजस्थान) भारत 

चूरु में एक सेठानी ने अपने प्रांत के लोगों को प्यास से मरते देख अपना सारा धन खर्च करके बनवाया हुआ तालाब जो सेठानी के जोहड़ा के नाम से जाना गया।
ये बात तब की है, जब चूरु के लोग एक नई सदी के इंतजार में थे । 18वीं सदी बीतने वाली थी और समय था 1899 –1900 ईस्वी. तभी चूरु में भयानक छप्पनिया अकाल का प्रभाव पड़ा। थार के रेगिस्तान में बसे उस चूरु में जहाँ भारत में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। चारों ओर पानी का आभाव था, लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे थे । ऐसे में न केवल मनुष्यों बल्कि पशु पक्षियों और यहां तक गायें भी प्यासी मर रही थी। तभी एक एक धनी मारवाड़ी सेठानी रेत में तपते मनुष्यों से लेकर जानवरों तक की प्यास बुझाने के लिए चूरु में एक ऐसे ऐतिहासिक जोहड़े (तालाब) का निर्माण कराया और उस समय में भी यह सिद्ध कर दिखाया की सेठ ( श्रेष्ठ ) केवल जाति या वर्ण नहीं बल्कि पालनहार हैं । जिसने अकाल के अत्याचार को पराजय दे दी। वो कोई और नहीं बल्कि उस समय में चूरु के जाने–माने मारवाड़ी सेठ भगवानदास बागला की पत्नी थीं।

👉भगवानदास बागला पहले मारवाड़ी शेखावाटी करोड़पति और लकड़ी के व्यापारी होने के साथ–साथ कई सारे मिल के मालिक थे. भगवानदास मूल रुप से चूरु, राजस्थान के रहने वाले थे। सेठानी का जोहड़ा, रतनगढ़ रोड से पश्चिम में 3 किमी दूर हैं। यह तालाब आज भी का ‘नीलगाय’ पक्षियों और अन्य जानवरों को आकर्षित करता है। सेठानी का जोहड़ा चूरु में आने वाले लोगों और पर्यटकों द्वारा सबसे अधिक देखे जाने वाले स्थलों में से एक है।

👉125 साल पुराने सटीक आयताकार कोणीय रूप में निर्मित यह जोहड़ा अपने तीन मुखों से मुखातिब होकर मुख्य द्वार पर दक्षिणाभिमुखी है।आयताकार जोहड़ का मुख्यद्वार दक्षिण की ओर है। जोहड़ के चारो कोणों पर चार भुजाएं आकर मिलती हैं। जोहड़ में 14 स्तम्भो एवं कंगूरों से निर्मित तीन प्रवेश द्वार हैं। यह जोहड़ पत्थरों और चूने से निर्मित है। जिस पर सात स्तम्भों की छतरियाँ का निर्माण किया गया। इन छतरियों का वैभव उकेरे गये भिति चित्रों से बेहद मनमोहक दिखता है। धुंधलें पत्थरों के धरातल पर इस भव्य जोहड़े को चाँदनी रातों में निहारने के लिए दर्शनार्थी आते हैं। 
                  #RajasthanHeritage 
                              #churu 
        साभार - Rajasthani Vlog फेसबुक पोस्ट 
                      वयं राष्ट्रे जागृयाम 

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