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Friday, 6 February 2026

आयुर्वेदिक घरेलू चिकित्सा दोहे

हरड़े भरड़े आँवले, लो तीनो सम तोल।
कूट पीस कर छानिए,त्रिफला है अनमोल।।

पाँच भाँति के नमक से,करो चूर्ण तैयार।
दस्तावर है औषधि, कहते पंचसकार।।

ताजे माखन में सखी, केसर लेओ घोल।
मुख व होठों पर लगा,रंग गुलाब अमोल।।

सूखी मेंथी लीजिए, खाएँ मन अनुसार।
किसी तरह पहुँचे उदर,मेटे बहुत विकार।।

ठंड जुकाम भारी लगे, नाक बंद हो जाय।
अजवायन को सेंक कर, सूंघे तो खुल जाय।।

चर्म रोग में पीसिए, अजवायन को खूब।
लेप लगाओ साथिया,मिलता लाभ बखूब।।

फोड़े फुंसी होय तो, अजवायन ले आय।
नींबू रस में पीस कर,औषध मान लगाय।।

अजवाइन गुड़ घी मिला,हल्का गर्म कराय।
वात पित्त कफ संतुलन, सर्दी में हो जाय।।

भारी सर्दी पोष की, करती बेदम हाल।
अदरक नींबू शहद को,पीना संग उबाल।।

मेंथी अजवायन उभय,हरती उदर विकार।
पाचन होता संतुलित, खाएँ किसी प्रकार।।

अदरक के रस में शहद, लेना सखे मिलाय।
पखवाड़े नियमित रखो,श्वाँस कास मिटजाय।

मक्का की रोटी भली,खूब लगाओ भोग।
पाचन के संग लाभ दे,क्षय में रखे निरोग।।

छाछ दही घी दूध ये, शुद्ध हमारा भोज।
गाय पाल सेवा करो ,मेवा पाओ रोज।।

गाजर रस मय आँवला,पीना पूरे मास।
रक्त बने भरपूर तो,नयनन भरे उजास।।

बथुआ केंहि विधि खाइए,मिले लाभ भरपूर।
पाचन भी अच्छा करे, रहे बुढ़ापा दूर।।

चौंलाई में गुण बहुत, रक्त बढ़े भरपूर।
हरी सब्जियों से रहे,मानुष तन मन नूर।।

पालक मेथी मूलियाँ,स्वास्थ्य रक्त दातार।
हरी सब्जियां नित्य लो,रहलो सदाबहार।।

जूस करेला पीजिए, प्रतिदिन बारहो मास।
मधुहारे तुमसे सदा, हो सुखिया आभास।।

दातुन करिए नीम की,होय न दंत विकार।
नीम स्वयं ही वैद्य है, समझो सही प्रकार।।
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जामुन की दातुन करो, गुठली लेय चबाय।
मधुमेही को लाभ हो ,प्रदर प्रमेह नशाय।।

दातुन करो बबूल की,हिलते कभी न दंत।
तन मन शीतलता रहे, शूल बचाओ पंत।।

कच्ची पत्ती नीम की ,प्रातः नित्य चबाय।
रक्त साफ करके सखे,यह मधुमेह मिटाय।।

सदाबहारी फूल जो, प्रात चबालो आप।
दूर करे मधुमेह को, खाओ मधु को माप।।

तुलसी पत्ते औषधी, पीना सदा उबाल।
कितनी भी सर्दी पड़े,होय न बाँका बाल।।

चूर्ण बना कर आँवले, खाओ बारह मास।
नहीं जरूरत वैद्य की,जब तक तन में श्वाँस।

संध्या भोजन बाद में, थोड़ा सा गुड़ खाय।
पाचन भी अच्छा रहे, बुरी डकार न आय।।

लहसुन डालो तेल में,अजवायन अरु हींग।
जोड़ो में मलते रहो , नहीं चुभेंगे सींग।।

सब्जी में खाओ लहसुन, हरता कई विकार।
नेमी धर्मी डर रहे, खाएँ खूब विचार।।

कैसे भी खा लीजीए ,करे सदा ही लाभ।
ग्वार पाठा बल खूब दे,आए तन में आभ।।

दाल चीनि जल घोल कर,पीजिए दोनो वक्त।
पेचिस में आराम हो, मल हो जाए सख्त।।

दालचीनि मुख राखिए, जैसे पान सुबास।
मुख कभी न आएगी, गन्दी श्वाँस कुबास।।

दूध पियो नित ही भला,हल्का मीठा डाल।
ग्रीष्म ऋतु में पीजिए,संगत मिला रसाल।।

ग्वारपाठ रस आँवला ,करे पित्त को नष्ट।
नित्य निहारा पीजीए,स्वास्थ्य रहेगा पुष्ट।।

तीन भाग रस आँवला,एक भाग मधु साथ।
प्रातः सायं पीजिए, नेत्र नए हो जात।।

हल्दी डालें दूध में, छोटी चम्मच एक।
कफ खाँसी के शूल मिट,स्वस्थ रहोगे नेक।।
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हल्दी चम्मच एक भर, पीवे छाछ मिलाय।
खुजली फुन्शी दाद भी,जल्दी से मिटजाय।।
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बेसन नींबू नीर मधु, सबको लेय मिलाय।
चेहरे पर लेपन करो,सुन्दरता बढ़ि जाय।।

शहद मिला कर दूध पी,जीवन रहे निरोग।
दीर्घायु होकर करो, जीवन के सुखभोग।।

भोजन के संग छाछ तो,होती अमरित मान।
स्वस्थ पुष्ट तन मन रहे, बनी रहेगी शान।।

सौ रोगों की औषधी, देखी परखी मान।
पिए गुनगुना नीर तो,बनी रहे तन जान।।

दिन के भोजन में रखो, दही कटोरी एक।
पाचक रस निर्माण कर,मेटे व्याधि अनेक।।

अजवायन की भाप से,मिटे शीत के रोग।
गर्म भाप को सूँघिए ,रहना शीत निरोग।।

लो अजवायन छाछ से,पेट रहे तन्दरुस्त।
कीड़े मरते पेट के, भोजन करना मस्त।।

सौंफ हींग सेंधा नमक, पीपल उसमे डाल।
जीरा छाछ मिला य पी, रहे न उदर मलाल।।

भूतों को सावन पिला, कार्तिक पिला सपूत।
ग्रीष्मकाल में सब पियो,उत्तम छाछ अकूत।।

✍️अरकिता

Saturday, 13 December 2025

कलौंजी का तेल - “मृत्यु को छोड़कर हर रोग की औषधि”

प्राचीन वैद्य इसे “मृत्यु को छोड़कर हर रोग की औषधि” कहते थे।

अब आधुनिक विज्ञान भी दिखा रहा है कि कलौंजी का तेल (Black Seed Oil) आपके मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है और क्रॉनिक बीमारियों के जोखिम को कम कर सकता है। ब्लैक सीड ऑयल Nigella sativa के बीजों से बनाया जाता है।

इसे 3,000 वर्षों से औषधीय रूप में उपयोग किया जा रहा है।

अधिकांश पौधों के तेलों से अलग, इसमें थायमोक्विनोन (thymoquinone) होता है — एक ऐसा यौगिक जिसमें शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट और मेटाबॉलिक प्रभाव पाए जाते हैं।

1. ब्लड शुगर कंट्रोल

ब्लैक सीड ऑयल ग्लूकोज़ मेटाबॉलिज़्म को नियंत्रित करने में मदद करता है:

फास्टिंग ब्लड शुगर कम करता है
इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाता है
HbA1c के स्तर घटाता है

क्लिनिकल ट्रायल में 12 सप्ताह तक 2 ग्राम/दिन लेने से टाइप 2 डायबिटीज रोगियों में ग्लाइसेमिक मार्कर्स में सुधार देखा गया।

2. शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव

क्रॉनिक इंफ्लेमेशन लगभग हर बीमारी का आधार है।

ब्लैक सीड ऑयल इसमें मदद करता है:

इंफ्लेमेटरी साइटोकाइन्स को रोकता है
ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस मार्करों को कम करता है
COX-2 एंज़ाइम को ब्लॉक करता है (जैसे इबुप्रोफेन)

शोध बताते हैं कि यह IL-10 (एंटी-इंफ्लेमेटरी) बढ़ाता है और TNF-alpha को कम करता है।

3. दिल और कोलेस्ट्रॉल की सुरक्षा

हार्ट डिजीज अमेरिका में मौत का नंबर 1 कारण है।

ब्लैक सीड ऑयल इसमें मदद कर सकता है:
ट्राइग्लिसराइड्स कम करता है
LDL कोलेस्ट्रॉल घटाता है
ब्लड प्रेशर कम करता है

एक अध्ययन में 2.5 mL दिन में दो बार लेने से हाई ब्लड प्रेशर रोगियों में सिस्टोलिक और डायस्टोलिक दोनों रीडिंग्स में सुधार देखा गया।

4. इम्यून सिस्टम को मज़बूत करता है

बार-बार बीमार पड़ते हैं?

ब्लैक सीड ऑयल सीधे इम्यून फंक्शन को बेहतर बनाता है।
अधिकांश सप्लीमेंट ऐसा नहीं कर पाते।

यह प्राकृतिक किलर कोशिकाओं की गतिविधि बढ़ाता है:

फागोसाइटोसिस बढ़ाता है
एंटीबॉडी रिस्पॉन्स को संतुलित करता है
बैक्टीरिया, वायरस और फंगस से लड़ने में सहायता करता है

5. श्वसन और एलर्जी राहत

ब्लैक सीड ऑयल अति-प्रतिक्रियाशील एयरवे को शांत करता है।

इसका मतलब यह:

फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार
एलर्जिक राइनाइटिस को कम करता है
अस्थमा के लक्षण घटाता है

शोध में पाया गया कि यह IgE एंटीबॉडी और नाक की जकड़न को काफी हद तक कम करता है।

6. त्वचा और घाव भरने में सहायता

ब्लैक सीड ऑयल त्वचा की मरम्मत और सुरक्षा में मदद करता है:

मुहांसों में कमी
घाव भरने की गति बढ़ाना
एक्ज़िमा और सोरायसिस में सुधार

कितनी मात्रा लें?

ज़्यादातर अध्ययनों में 1–3 ग्राम/दिन लाभदायक पाया गया है।

आप इन रूपों में ले सकते हैं:

पिसे हुए काले बीज
कोल्ड-प्रेस्ड लिक्विड ऑयल
ब्लैक सीड ऑयल कैप्सूल

Monday, 24 November 2025

हिंगोट कब्ज बवासीर और आँखों की समस्याओं की रामबाण चिकित्सा करता हैं।

बादाम से भी महंगा है अखरोट जैसा दिखने वाला ये फल, बवासीर और आंखों की समस्या के लिए रामबाण इलाज!

हिंगोट फल बवासीर जैसी गंभीर बीमारी को भी ठीक कर देता है. जयपुर ग्रामीण के कई इलाकों में इस फल की खेती भी की जाती है. इस फल की कीमत मार्केट में बादाम से भी ज्यादा है. आइए इसके फायदों के बारे में बताते हैं.

अखरोट और नींबू के जैसे दिखने वाले ह‍िंगोट के फल में अनेक औषधीय गुण पाए जाते है. ह‍िंगोट के पेड़ की छाल, पत्‍ते और फल का इस्‍तेमाल आयुर्वेद में बीमार‍ियों को दूर करने के ल‍िए क‍िया जाता है. आयुर्वेदिक डॉक्टर किशन लाल के अनुसार, ये फल बवासीर जैसी गंभीर बीमारी को भी ठीक कर देता है. जयपुर ग्रामीण के कई इलाकों में इस फल की खेती भी की जाती है. इस फल की कीमत मार्केट में बादाम से भी ज्यादा है.

हिंगोट कब्‍ज और आंखों की समस्या को करता है दूर
आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताया कि हिंगोट कब्‍ज की समस्‍या को दूर करता है. किसी को भी कब्‍ज होने पर ह‍िंगोट के फल का गूदा खिलाने से कब्‍ज, गैस जैसी समस्‍या नहीं होती है. ह‍िंगोट के गूदे को दही में म‍िलाकर सुबह-सुबह पीने से इम्यूनिटी मजबूत होता है. इससे ब्‍लड शुगर लेवल भी कंट्रोल होता है.

हिंगोट के फल को सूखने के बाद घिसकर आंखों में लगाने से आंखों में दर्द और जलन जैसी समस्या दूर होती है. आंखों की समस्या के समाधान के लिए इसे पानी में घिसकर आंखों पर काजल की तरह लगाना होगा, जिसके बाद आंखों से पानी का बहना बंद हो जाता है.

बवासीर जैसी करता है ठीक
हिंगोट के फल से आयुर्वेदिक दवाई बनाई जाती है. इसके सूखे हुए फल को पीसकर बवासीर की दवाई बनाई जाती है. आयुर्वेदिक डॉक्टर के अनुसार इस दवाई को सुबह-सुबह पानी के साथ पीने से यह बीमारी ठीक हो जाती है.