🍃 ॥ॐ॥ 🍃
पंच दिवसीय महापर्व दीपावली पर
हार्दिक शुभकामनाएं।
🪐असतो मा सद्गमय,
🪔तमसो मा ज्योतिर्गमय,
🔥मृत्योर्मा अमृतं गमय॥
आओ सब मिलकर प्रभु से प्रार्थना करें। जिससे हम जूठ को छोड़कर सत्य को धारण करें। असतो मा सद्गमय, अज्ञान रूपी अंधेरे से निकल कर ज्ञान रूपी प्रकाश को धारण करे से तमसो मा ज्योतिर्गमय और अंत में मृत्यु के भय से मृक्त होकर अमर हो जावे। मृत्योर्मा अमृतं गमय ॥
इतना सब करने के बाद हम सत्य और धर्म को धारण करके उसके बाद दुनिया का उपकार करने की भावना से समाज सेवा की और कदम बढ़ावें।
और इसको गुनगुनाकर चमत्कार देखें।
तर्ज- आवों तो म्हारा लाडकड़ा जमाई ओ .....
सुणज्यो सायब म्हारी, अरजी नै सुणज्यो ।
हाँ अरजी नै सुणज्यो, हाथ जोड़ी ने विणती करुजी ॥टेक॥
झुंठड़ला गैला सूं दूर, राखो म्हारा सायबा ।
हाँ राखौ म्हारा सायबा।सांचोड़ा मारग चालावौ जी॥ १ ॥
सूणज्यो सायब ..........।
अज्ञान रूपी अन्धेरा ने,मेटो म्हारा दाता,
हाँ मेटो म्हारा दाता । ज्ञान रो दीवों प्रगटावों जी ॥ २ ॥
सुणज्यो सायब........।
मौत सूं म्हानें अळगा, राखो म्हारा स्वामी।
हाँ राखों म्हारा स्वामी। अमर होवा री घूट्टी पावों जी॥ ३॥ सुणज्यो साहब...........।
"धरम "ने "धर" लूं मूं, आरज पण ने वरलूं ।
हाँ आरज पण ने वरलूं ।दुनिया रो उपकारी बणावो जी॥४॥
सुणज्यो सायब...............।
🪔दीपोत्सवस्य हार्दिक्यः शुभाशयाः🌷
आरोह तमसो ज्योतिः।
साभार - ✍️आर्य घेवर चंद
🌸॥卐॥❀ शुभम् स्वस्ति ❀॥卐॥🌸
वंदे मातृसंस्कृतम्
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