#नोट जिन #महिलाओं में प्रसव के बाद दूध नहीं उतरता अश्वगंधा के साथ बराबर मात्रा में सेवन करे दूध उतरने लगेगा अनुभूत है
#हाइट के लिए बहुत लाभप्रद है इंस्टाग्राम पर वीडियो है वह देखे उसमें चन्द्र शुर नहीं डाल पाया था से लिए आज पीस कर मिलाई जायेगी
#दर्द और सूजन से राहत: चंद्रशूर के बीज शरीर के दर्द को कम करते हैं और वात दोष को नियंत्रित करते हैं, जिससे जोड़ों का दर्द, ऐंठन और कमर दर्द में आराम मिलता है।
पाचन तंत्र के लिए: यह भूख बढ़ाने (दीपन), वायु को नियंत्रित करने (वातानुलोमन), दर्द निवारक और मल को बांधने (शूलग्न, मल संग्राही) का काम करते हैं, जिससे पेट फूलना, अपच, दस्त और मरोड़ जैसी समस्याओं में लाभ मिलता है।
मासिक धर्म संबंधी लाभ: महिलाओं में यह मासिक धर्म के दौरान होने वाली ऐंठन, दर्द और थकान को कम करता है। यह हार्मोनल संतुलन बनाए रखने और आयरन की कमी को दूर करने में मदद करता है।
प्रजनन स्वास्थ्य: महिलाओं में गर्भाशय को साफ करने, स्रावों को बाहर निकालने और दूध बढ़ाने में सहायक होता है। पुरुषों में यह शुक्र धातु की कमजोरी को दूर करता है।
त्वचा और बालों के लिए: रक्त को शुद्ध करने और त्वचा रोगों में लाभकारी है। यह बालों की जड़ों को मजबूत करता है और बालों के झड़ने को रोकता है।
हड्डियों के लिए: पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण यह हड्डियों के स्वास्थ्य और विकास में सहायक होता है।
आंतों की कार्यप्रणाली में सुधार: चंद्रशूर के बीज फाइबर से भरपूर होते हैं, जो आंतों को साफ करते हैं और कब्ज व गैस से राहत दिलाते हैं।
उपयोग का तरीका
चंद्रशूर के बीजों का चूर्ण गुनगुने पानी या दूध के साथ लिया जा सकता है।
चतुर्बीज के रूप में भी इसका उपयोग किया जा सकता है, जिसमें सूजन-रोधी और दर्दनाशक गुण होते हैं।
प्रयोग से। पहले अच्छे वैद्य से सलाह जरूर ले ले ।
✍️ वैद्य रामफल
7042098646
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