आर्य हिन्दू खालसा नागरिकों राष्ट्र विरोधी इको सिस्टम के नैरेटिव से सावधान ।
आज लगभग कानून व्यवस्था ठीक ठाक हैं, राष्ट्र विरोधी और दंगाई कानून से भयभीत हैं।
भारतीय सेना विश्व की सर्वश्रेष्ठ तकनीकी हथियारों से सुसज्जित हैं ।
विश्व में अनेक देशों में जातिगत दंगे अशांति और युद्ध के हालात हैं अनेक देशों की अर्थव्यवस्था डगमगा रही हैं।
गत दशक वर्षों में भारत में भाग्य से एक धैर्यवान नेतृत्व हैं जिसके नेतृत्व में सरकार स्थिर है पड़ोसी देश हम पर हमला करने से पहले दस बार सोचने को विवश हैं ।
हां देश में बैठे शत्रुओं को अवश्य काबू करना मुश्किल हैं पर वे कोशिश कर रहे हैं .. इनके उपचार में समय लगेगा क्योंकि हिन्दूओं में ही सेक्यूलर खून देशद्रोहीयों को पनाह देता रहा हैं।
अगड़े पिछड़ो के नाम पर मुगलो अंग्रजों और कांग्रेस ने राज किया.. और हिन्दूओ को दोयम दर्जे का नागरिक बना दिया आज नेतृत्व कुछ आर्य हिंदू खालसा नागरिकों के हितों में अपने हिसाब से कुछ करने का परिश्रम कर रहा हैं तो अनेक हिन्दूओं का धैर्य चुक गया.. ७० वर्षों में शासन प्रशासन कार्यपालिका न्यायपालिका आदि की मानसिकता को बदलने में समय लगेगा उतना नहीं तो आधा तो मानों
पर कहते हैं ना कि कुत्तों को घी हजम नहीं होता..
( 🙏क्षमा करे यहां शब्दों पर ध्यान न देकर भाव समझे )
हिंदूओं को कोई भी बरगला सकता हैं... और हिन्दू भी बहकावे में आकर शत्रुओं की चाल में फंस जाते हैं।
हिंदू विरोधी सेक्युलर वामी-कामीयों के आंदोलन जॉर्ज की चालें और विपक्षियों की सारी कोशिशें अब तक राष्ट्र को सशक्त नेतृत्व देने वाले को जनता के मन से गिराने में असफल हो गई .. तो यू जी सी में इन्हें हिंदूओं को भड़काने का और जाति भेद पर बांटने का अच्छा मौका मिल गया..
हिंदूओं को आपस में बांट कर लड़ाने द्वेष फैला कर वोट तोड़ने की रहा सही कसर अंबेडकर और ज्योतिबाफुले के सम्मान में दिए भाषणों से पूरी करने की इको सिस्टम से भरपूर कोशिश की जा रही है ।
हम भी इस राष्ट्र विरोधी इको सिस्टम की पोस्ट पढ़ कर कापी पेस्ट फारवर्ड कर रहे हैं .. और इनकी चाल को जाने-अनजाने में सफल बनाने में सहायक बन रहे हैं..
इसलिए हिन्दूओं बहुत बहुत सावधान रहें ..
किसी बहकावे में नहीं आएं अपने विवेक को काम ले ..
स्मरण रखो २०१४ में बहुसंख्यक हिंदू नागरिक पर हिंसा एक्ट से बचने के लिए हमें एक अवसर मिला था.. पर अब एक बार सेक्युलर हिन्दू विरोधी गिद्धों को गलती से भी सत्ता दें दी तो गज़वा ए हिंद के द्वारा अनेक योजनाएं फलीभूत होगी .. तब हिन्दूओं को जड़मूल से समाप्त होना पड़ सकता हैं।
वयं राष्ट्रे जागृयाम
शनिवार, बैशाख शुक्ल ९ विक्रम संवत २०८३ दि० 25/4/2026 ईस्वी
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