ज्ञात होनी चाहिए ऐसी महत्वपूर्ण जानकारी।
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🔸️परशुराम जी के माता-पिता का नाम क्या था?
🔹️उत्तर : माता – रेणुका, पिता – महर्षि जमदग्नि।
🔸️ परशुराम जी ने पृथ्वी को कितनी बार आततायियों से विहीन किया था?
🔹️उत्तर : इक्कीस (21) बार।
🔸️भगवान परशुराम जी की गति किसके समान कही गई है?
🔹️उत्तर : मन एवं वायु के समान।
🔸️परशुराम जी के गुरु कौन थे?
🔹️उत्तर : भगवान शंकर।
🔸️परशुराम जी के प्रमुख शिष्यों के नाम क्या हैं?
🔹️उत्तर : भीष्म पितामह, गुरु द्रोणाचार्य, दानवीर कर्ण।
🔸️परशुराम जी का अवतार किस युग में हुआ था?
🔹️उत्तर : त्रेता युग में।
🔸️परशुराम जी किसके अवतार हैं और कौन से अवतार हैं?
🔹️उत्तर : भगवान विष्णु के छठे अवतार।
🔸️परशुराम जी के पिता सप्तर्षि मंडल में कौन से ऋषि माने जाते हैं?
🔹️उत्तर : सातवें ऋषि।
🔸️कैलाश पर्वत पर परशुराम जी का किससे युद्ध हुआ और उसका क्या परिणाम हुआ?
🔹️उत्तर : भगवान गणेश जी से; परिणामस्वरूप गणेश जी का एक दंत टूट गया, जिससे वे ‘एकदंत’ कहलाए।
🔸️परशुराम जी किस वंश के थे?
🔹️उत्तर : ब्रह्मा जी के मानसपुत्र महर्षि भृगु के वंशज।
🔸️परशुराम जी ने किस राजा का वध किया था?
🔹️उत्तर : सहस्त्रबाहु अर्जुन (कार्तवीर्यार्जुन)।
🔸️परशुराम जी के दादा-दादी का नाम क्या था?
🔹️उत्तर : ऋचीक मुनि एवं सत्यवती।
🔸️भागवत महापुराण के अनुसार वर्तमान में परशुराम जी कहाँ निवास करते हैं?
🔹️उत्तर : महेन्द्र पर्वत पर।
🔸️पृथ्वी पर किस वंश के अंत हेतु भगवान ने परशुराम रूप में अवतार लिया था?
🔹️उत्तर : हैहय वंश।
🔸️बाल्यावस्था में परशुराम जी ने भगवान की तपस्या कहाँ की थी?
🔹️उत्तर : परम पवित्र चक्रतीर्थ में।
🔸️सहस्त्रबाहु के साथ परशुराम जी का युद्ध कहाँ हुआ था?
🔹️उत्तर : नर्मदा जी के तट पर।
🔸️भगवान शंकर ने परशुराम जी को कौन-सा दुर्लभ मंत्र प्रदान किया था?
🔹️उत्तर : त्रैलोक्य-विजय कवच।
🔸️परशुराम जी की माता ने किस प्रकार देह त्याग किया?
🔹️उत्तर : महर्षि जमदग्नि की हत्या के पश्चात शोकवश सती हो गईं।
🔸️जमदग्नि ऋषि की संतानों में परशुराम जी का स्थान क्या था?
🔹️उत्तर : वे सबसे छोटे पुत्र थे।
🔸 ️ब्रह्मा जी की किस पीढ़ी में परशुराम जी अवतरित हुए?
🔹 ️उत्तर : पाँचवीं पीढ़ी में
(ब्रह्मा → भृगु → ऋचीक → जमदग्नि → परशुराम)।
🔸 ️मत्स्यराज से कवच प्राप्त करने हेतु परशुराम जी ने कौन-सा रूप धारण किया था?
🔹 ️उत्तर : शृंगधारी संन्यासी का।
अतः यह प्रत्येक ब्राह्मण कुल के लिए गर्व एवं ज्ञान का विषय है। इसे अधिकाधिक साझा करें, जिससे हमारी आने वाली पीढ़ियाँ अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित हो सकें।
🙏🏻 जय श्री भगवान परशुराम
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