• स्थान: राजस्थान के सीकर जिले में खंडेला क्षेत्र के खटून्दरा गाँव में स्थित है • नज़दीकी पहचान: ये मंदिर खाटू श्याम जी के पास ही पड़ता है - खाटू नगरी के पास खंडेला में। सीकर जिला मुख्यालय से लगभग 44 किलोमीटर दूर है। • मंदिर कैसा है: एक मंजिला छोटा मंदिर है, रोड पर स्थित है। प्रवेश के लिए 5-6 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। आस-पास पार्किंग की सुविधा है।
मान्यता / क्यों प्रसिद्ध है
• “नौकरी दिलाने वाली माता”: इस मंदिर की सबसे बड़ी मान्यता ये है कि यहाँ बेरोजगार लोग सरकारी नौकरी की मन्नत लेकर आते हैं और मुराद पूरी होती है। • बायोडाटा चढ़ाते हैं: लड़के-लड़कियाँ मनचाही नौकरी के लिए माता के चरणों में बायोडाटा चढ़ाते हैं और प्रार्थना करते हैं। इंटरव्यू या प्रतियोगी परीक्षा में जाने से पहले यहाँ हाजिरी लगाते हैं। • नारियल बाँधने की परंपरा: भक्त लाल कपड़े में नारियल को कलावे से बाँधकर माता को अर्पित करते हैं। मान्यता है कि इससे मनोकामना पूरी होती है। • अमर रोटी का प्रसाद: यहाँ प्रसाद के रूप में लड्डू-बर्फी हलवै का प्रसाद चढता है कहा जाता है कि इंद्र कंवर बाईसा ने वरदान दिया था कि यहाँ शीश नवाने वाले को अमर रोटी प्राप्त होगी। • अमर वृक्ष: मंदिर के अंदर एक अमर वृक्ष है। मान्यता है कि इस पर मन्नत का नारियल बाँधने से इच्छा पूरी होती है। • पहला वेतन अर्पित करना: कई भक्तों की मन्नत पूरी होने पर वे अपनी पहली सैलरी से माता के मंदिर का निर्माण/सेवा करते हैं।
इतिहास
• मंदिर करीब 300 साल पुराना है। • स्थापना संवत 1995, आसोज सुदी चौदस को इंद्र कंवर बाईसा के कर-कमलों से हुई थी। • ये मंदिर चारण समाज और देवी आवड़ माता से जुड़ा है। मंदिर में एक फरसा भी रखा है जिसकी पूजा होती है - मान्यता है कि आवड़ माता ने ये सांवलदासजीमहाराज को भेंट किया था।
इसे खटुन्दरा माता के नाम से भी जाना जाता है और ये चारणजाती पालावतसमाज की कुलदेवी करणी माता को समर्पित है।
नोट: ये मंदिर बीकानेर के देशनोक वाले प्रसिद्ध करणी माता मंदिर से अलग है। देशनोक वाला मंदिर "चूहा वाली देवी" के नाम से जाना जाता है। खटून्दरा वाला मंदिर खास तौर पर नौकरी की मन्नत के लिए प्रसिद्ध है
m.6350217094
No comments:
Post a Comment