अधिक धन कमाने के लालची व्यापारीयों की लोगों के स्वास्थ्य को बिगाड़ने तक की नीयत और मानसिकति बन गई है।
धन की कामना धर्म और नैतिकता पर भारी होती जा रही हैं ... सावधान!
#हेक्सेन नाम का एक केमिकल होता है।
यह बिल्कुल पानी की तरह होता है।
आजकल इसका इस्तेमाल में धड़ल्ले से हो रहा है।
आप एक टब में हेक्सेन लीजिए उसमे कोई भी तिलहन वाली चीज डाल दीजिए तिलहन मतलब जिन चीजों में तेल होता है जैसे सरसों तिल बादाम नारियल मूंगफली सोयाबीन अलसी वगैरह-वगैरह।
जब आप टब में कोई भी तिलहन डालेंगे तो थोड़ी देर में यह केमिकल अपनी रासायनिक प्रतिक्रिया से तिलहन का सारा तेल बाहर निकाल देगा और आपका तिलहन साबूत वैसा का वैसा ही रहेगा जैसे पहले था।
मान लीजिए आपने बादाम डाला है तो यह केमिकल बादाम में जितना भी तेल है वह बाहर निकाल देगा और आपका बादाम साबुत पहले जैसा ही रहेगा देखने में कोई फर्क नजर नहीं आएगा।
बहुत से व्यापारी और तेल बनाने वाली कंपनियां इसे इस्तेमाल करती हैं।
इससे दोहरा मुनाफा कमाया जाता है उदाहरण के लिए समझिए एक तरफ़ बादाम का तेल निकाल लिया जाता है और बोतलबंद बादाम तेल बाजार में बेंचा जाता है और दूसरी तरफ साबूत बादाम भी बेंच दिया जाता है।
मूंगफली से तेल निकालकर रिफाइन तेल के नाम से बेचा जाता है और मूंगफली अलग से बेंचा जाता है।
नारियल से तेल निकालकर नारियल तेल बेंचा जाता है और नारियल भी अलग से बेंचा जाता है।
तेल निकल जाने के बाद यह बादाम मूंगफली या नारियल किसी काम का नहीं रहता बल्कि यह सिर्फ खली रह जाता है।
इसका इस्तेमाल मिठाइयों आदि में किया जाता है।
आम के आम और गुठलियों के दाम वाली बात हो जाती है।
आप बाजार से पैकेट वाली मूंगफली ले लीजिए आप बाजार से नारियल बादाम आदि बने मिठाइयां ले लीजिए।
आप ऐसी पैकेटबंद मूंगफली का दाना या बादाम लेकर ज़मीन पर रख दीजिए किसी पत्थर आदि से कुचल दीजिए एक तरह से पीस दीजिए वह बिल्कुल पाउडर जैसा हो जाएगा जरा सा भी तेल नहीं निकलेगा क्योंकि तेल तो पहले ही निकाल लिया गया है।
जब आप बाजार में ड्राई-फ्रूट्स लेने जाएं तो लेने से पहले एक दाना कुचलकर चेक कर लीजिए और जांच लिजिए कि तेल है या निकाला जा चुका है क्योंकि तेल निकला हुआ ड्राई-फ्रूट्स किसी काम का नहीं उसमें कुछ भी पौष्टिक तत्व नहीं होते हैं वह सिर्फ खली होती है।
तिलहनों से तेल निकालने की इस प्रक्रिया में तिलहनों में यह केमिकल कुछ मात्रा में शेष रह जाता है जो एक प्रकार का जहर है इससे कैंसर जैसे घातक रोग हो सकते हैं।
यह सब खेल भारत में धड़ल्ले से चल रहा है क्योंकि
धरपकड़ रोकथाम करने वाला कोई नहीं है।
ना सरकार ना अधिकारी।
क्योंकि सरकारों को चंदा मिलता है और
अधिकारियों को रिश्वत मिलती है।
इन सब के बीच नुकसान आम जनता को हो रहा है।
सावधान रहें सतर्क रहें सुरक्षित रहें। 🙋
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