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Friday, 21 November 2025

खाली भू-खंड/ प्रोपर्टी जो भी आपके नाम है, किराये का भवन जिसके ताले की चाबी आपके पास है - इनके वास्तुदोषों का प्रभाव से आप अछूते नहीं रह सकते।

वास्तु का ...कितना असर होता है ..... जो प्रोपर्टी सिर्फ हमारे नाम हो जाती है 

अक्सर लोगों को ये गलतफहमी रहती है की जिस घर मैं हम रहते है या जिस आफिस या प्रतिष्ठान मैं काम करते हैं सिर्फ उसके वास्तु का ही हम पर प्रभाव पड़ता है जबकि वास्तविकता ये है की ....जितनी भी सम्पत्तियों से हमारा सम्बन्ध होता है ....चाहे वो हमारे नाम हो, किराये पर ले रखी हो , उस पर ज्यादा आना जाना हो या सिर्फ उस पर लगे हुऐ ताले की चाबी ही हमारे पास हो तो उन सबके वास्तु का शुभ अशुभ प्रभाव हम पर पड़ने लग जाता है 

इसके कुछ उदाहरण देखिये :- 

* ये कहानी जयपुर के एक बडे गर्ल काँलेज की है , जब इस कालेज का निर्माण शुरू करना था तो वास्तु की द्रष्टि से इसके नक़्शे फ़ाइनल करने के लिए मुझे बुलाया गया, मैं जब इस जमीन को देखने पहुँचा तो मैने देखा की इसकी भूमि के नैऋत्य कोण मैं एक बहुत बड़ा खड़्डा था मैने उस खडडे को देखते ही कहा इस भुमि को जो भी व्यक्ति खरीदेगा अगर उसके पिताजी जीवित होगें तो उनको हार्ट अटैक हो सकता है वो लोग मेरी बात सुनकर हैरान रह गये क्यों की ये जमीन उनके नाम होने के 15 दिन बाद ही उनके पिताजी की हार्ट अटैक होने से मृत्यु हो चुकी थी।  

* एक युवक की अकाल मृत्यु हो गयी थी 
मैं जब इसका कारण जानने के लिए उसके घर पहुँचा तो मुझे उसके घर मैं कोई बहुत बड़ा वास्तु दोष नही मिला ये बात जब मैने परिजनो को बतायी की आपका घर इतना भी अशुभ नही लगता की आपके साथ इस तरहं का कोई बड़ा हादसा हो जाये, कहीं आपने कोई ऐसी जमीन या प्रोपर्टी तो नही खरीद ली जिसका ईशान कोण ऊँचा हो और नैऋत्य कोण नीचा हो तो उसके पिताजी ने बताया की इस हादसे से क़रीब दस दिन पहले ही मैने एक जमीन के पैसे एडवांस दिये थे जिसमें ऐसे ही वास्तु दोष है।  

* रिंग्स इंडस्ट्रियल एरिये मैं...मेरे एक कलाइंट ने..मेरे मना करने के बाद भी सस्ती जमीन के लालच मैं आकर एक फैक्टरी की जमीन को खरीद लिया जिसका वास्तु बहुत ही खराब था इसका एग्रीमैंट उनके नाम होते ही एक सप्ताह के अन्दर उनकी तबियत खराब हुई और अचानक आँतें फटने से पेट का बहुत बड़ा आपरेशन करवाना पड़ गया।  

* सीकर रोड पर स्थित एक जमीन ...जिसकी दक्षिण और पश्चिम दिशा मैं दो-तीन कुएँ थे और पुरी भुमि का ढलान पश्चिम दिशा मैं था 
उसको एक प्रोपर्टी व्यवसायी ने खरीद लिया ये जमीन एक वृद्ध महिला की थी जिसके परिवार में सिवाये उसके और कोई नही बचा था 
इस जमीन पर कब्जा करने के कुछ दिन बाद ही उस प्रोपर्टी डीलर की भी मृत्यु हो गयी , उसके परिवार के ही किसी सदस्य ने उसको जहर दे दिया था।  

* मेरे एक परिचित जिनका मकान पुरा वास्तु से बना हुआ है …टोंक रोड पर एक दुकान खरीदना चाहते थे… इस दुकान का ईशान कोण कटा हुआ,अग्निकोण भारी, वायव्य बढ़ा हुआ व नैऋत्य भी हल्का था … मैंने उन्हें कहा की आपको इस प्रोपर्टी से दूर रहना चाहिए … उन्होंने कहा की इसे लेना बहुत जरूरी है और लेते ही इसका वास्तु सही करवा लेंगे फिलहाल कोई रास्ता बता दें …मैंने उनको सलाह दी की आप एग्रीमेंट करते समय नाम के स्थान को रिक्त छोड़कर पैसे एडवांस दे सकते हैं फिर पहले वास्तु सुधार करवाकर ही इसे अपने नाम करवायें …उन्होंने बड़ी लापरवाही की और मुझे बिना बताये ही प्रोपर्टी का एग्रीमेंट अपने नाम करवा लिया… रिजल्ट …. उनका छोटा बेटा अचानक एक दुर्घटना में चल बसा।  

* अगर शहर के बीचों बीच स्थित गणपति प्लाजा की ही बात करें तो इसका ईशान कोण बहुत ऊँचा है और नैऋत्य कोण नीचा होने के साथ कटा हुआ भी है ये बिल्डिग भी इसके मालिकों के लिए शुभ साबित नही हुई। 

नोट :- मेरी इस पोस्ट का उदेश्य किसी व्यक्ति मैं कोई भय पैदा करना नही है बल्कि ये समझाना है की आप जो भी सम्पति खरीदें ...ये ध्यान जरूर रखें की उसका भी वास्तु सही होना चाहिए।  
प्रोपर्टी का व्यवसाय करने वाले अधिकांश बिल्डर्स की बर्बादी का असली कारण भी यही है।
🙏🙏🙏
✍️ S K Mehta Vastu 
वयं राष्ट्रे जागृयाम 

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