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Wednesday, 19 November 2025

तिपतिया या चांगेरी नाम से जानी जाने वाली ये खरपतवार आयुर्वेद की औषधि है।

खरपतवार में जगह -जगह दिखने वाली इन पत्तियों से बना घृत 'चांगेरी घृत' के नाम से 1800 रुपए तक का है बाज़ार में।
तिपतिया या चांगेरी नाम से जानी जाने वाली ये खरपतवार आयुर्वेद की औषधि है। अगर ध्यान से देखा जाए तो हमारे आसपास उगने वाला कोई भी खरपतवार बेकार नहीं है। प्रकृति ने सब के उपयोग बनाए हैं। अपने अनजाने पन में भले ही हम इन्हें बेकार समझ कर उखाड़ कर फेंक दें।
चांगेरी के बारे में अभी मैंने बहुत सारे फायदे पढ़े बताती हूं उनको ।
 चांगेरी का घरेलू इलाज पेट संबंधी समस्याओं के लिए ज़्यादा होता है। 20-40 मिली चांगेरी के पत्ते के काढ़े में 60 मिग्रा भुनी हुई हींग मिलाकर सुबह शाम पिलाने से पेट दर्द से जल्दी आराम मिलता है।
इसके अलावा ये और भी कई प्रकार के रोगों में फायदा करता है।जैसे कि---
पीलिया की समस्या से राहत देती हैं --
पीलिया की समस्या से ग्रस्त रोगी अपनी दिनचर्या में चांगेरी के पत्तों को जोड़ सकते हैं। ऐसे में आप सुबह उठकर चांगेरी के पत्तों को चबाएं। आप चाहें तो इन पत्तों से बना जूस भी पी सकते हैं। ऐसा करने से समस्या जल्द दूर हो सकती है।

मुंह की बदबू से देती हैं छुटकारा--
अगर आप मुंह की बदबू, मसूड़ों के रोगों या दांतों की कमजोरी से परेशान हैं, तो चांगेरी की पत्तियां आपको इन समस्याओं से भी राहत दिलाती हैं। मुंह की बदबू दूर करने के लिए आप चांगेरी की 7-8 पत्तियों को अच्छी तरह धोकर इसे चबाएं। इसकी पत्तियों का स्वाद खट्टा होता है। ये पत्तियां माउथ फ्रेशनर की तरह काम करती हैं।

सिरदर्द और माइग्रेन में फायदेमंद-
सिर के दर्द और माइग्रेन से परेशान लोग चांगेरी की मदद ले सकते हैं। वे खाली पेट चांगेरी के पत्तों को चबाकर उसके ऊपर पानी पी सकते हैं। ऐसा करने से सिर के दर्द के साथ माइग्रेन से भी राहत मिल सकती है।

भूख बढ़ाने का करता है काम-
चांगेरी की खट्टी चटनी भूख बढ़ाती है। डायजेशन और पेट दर्द की समस्या में चांगेरी के दो चम्मच रस में एक चुटकी हींग मिलाकर पिएं। इससे डायजेशन सुधरेगा और पेट दर्द भी दूर होगा।
                                             ✍️अभिलाषा सिंह 

  
                   वयं राष्ट्रे जागृयाम 

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