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Saturday, 28 February 2026

भैरवी #साधना

!! #भैरवी #साधना !!

#यह #भैरवी #गन्धर्व कन्या, किन्नर आदि से ऊपर की है! 
इसमें सम्पूर्ण गन्धर्व अप्सराओं की सुन्दरता समाहित है! शिव-भाव से उत्पन्न होने के कारण ,यह देवी अत्यंत ही शक्तिशाली है! जीवन को आनंदमय बनाने के लिए इसकी साधना उपासना की जाती है! यह अल्हङ नदी की तरह प्रसन्नचित्त देवी है! 

#साधना #विधि #वेदोक्त #पद्धति --साधक लाल वस्त्र धारण कर, लाल आसन पर किसी भी शुक्रवार या ग्रहण काल मे, किसी एकान्त स्थान पर बैठकर, सामने भैरव मूर्ति या यंत्र स्थापित करें! फिर साथ ही भैरवी मुर्ति या यंत्र जो भी हो स्थापित करके पंचोपचार पूजन करके फिर संकल्प करके पंचोपचार पूजन करें! सामने सरसों तेल का अखंडित दीपक प्रज्जवलित करें! फिर किसी ताम्रपात्र या सोने के पात्र में शहद भरकर भोग वगावें पश्चात् न्यास आदि क्रिया कर, मंत्र का जप रूद्राक्ष की माला से 21 माला जप करें!

#विनियोग --अस्य श्री भैरवी मन्त्रस्य वृकहदारण्य नाम ॠषिः त्रिष्टुप छन्दः श्री भैरवी देवता ह्रीं बीज ऐं शक्ति ब्लु किलकम् श्री भैरवी सिद्धयर्थे जपे विनियोगः! 

#न्यास --वृहदाख्यक ॠषिः नमः शिरसि! 
2---त्रिष्टुप छन्द से नमः मुखे! !
3--श्री भैरवी देवताये नमः ह्रदये! 
4--ह्रीं बजाय नमः गुह्ये! 
5--ऐं शक्ति नमः पादयो! 
6--ब्लुं किलकम् नमः नाभो! 
7---विनियोगाय नमः सर्वांगे! 

#करन्यास ----ऐं अंगुष्ठाभ्याम् नमः! 
2---ह्रीं तर्जनीभ्यां नमः! 
3--ब्लुं मध्यमाभ्याम् नमः! 
4--सः सः सः अनामिकाभ्यां नमः! 
5---अमृत वर्षिणि कनिष्ठकाभ्यां नमः! 
6--अमृत स्त्रावय करतल कर पृष्ठाभ्याम् नमः! 

#ह्रदयादि न्यास ---ऐं ह्रदयाय नमः! 
2---ह्रीं शिरसे स्वाहाः! 
3---ब्लुं शिखायै वषट्! 
4---सः सः सः कवचाय हुम्! 
5--अमृत वर्षिणि नेत्रेत्रयाय वौषट्! 
6--अमृत स्त्रावय अस्त्राय फट्! 

#मंत्र-- ऐं ह्रीं ब्लु सः सः सः आगच्छ अमृत वर्षिणि अमृतं स्त्रावय स्वाहा !! (21 #माला #नित्य #जपे)!! 

#ये #साधना 21 दिन की है साधना काल में कोई दृश्य दिखाई दे तो भयभीत ना हो एसा होने पर साधक पागल भी हो सकता है ,साधना पूर्ण होते ही भैरवी अति सौम्य रूप में साधक के पास आयेगी और जीवन पर उस साधक पर कोई कष्ट नहीं आने देगी! 


#नोट---इसकी साधना उपासना प्रेमिका के रूप में की जाती है अन्य रूप में नहीं की जाती, दृश्य डरावने भी दिखाई दे सकते है पर भयतीत ना हो ये साधना की परिक्षा होती, ! 

#यह साधना गुरु सानिध्य में गुरुनिर्देशानुसार ही करें ! ! 

#साधना पूर्ण करके 9 कन्याओं को भोजन कराकर फिर यथा शक्ति गायों को गुङ चारा, आदि दें !!

🌹शिवशक्ति सर्व भक्तो की मनोकामना परिपूर्ण करें🌹

                  ☘️ ☘️ॐशिवगोरक्षॐ ☘️☘️
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