*कामदेव घृत*
निरंतर प्रयोग करने से 60 साल का बूढ़ा व्यक्ति भी 25 साल का जवान के जैसा कार्य करता है।
प्राचीन भारत की सबसे जबरदस्त असरदार और ताकतवर औषधि।
कामदेव घृत के घटक द्रव्य
अश्वगंधा 1200 gm
शतावरी –680 gm
गोखरू – 480 gm
विदारीकन्द- 120 gm
पीपल की कोंपल – 120 gm
कमलगट्टा की मींगी – 120 gm
पुनर्नवा – 120 gm
विदारीकन्द – 120 gm
खिरेटी – 120 gm
शालपर्णी – 120 gm
खम्भार के फल – 120 gm
उड़द – 120 gm
गाय का घी- मेल अनुसार
मुनक्का – 3 gm
कुठ – 3 gm
छोटी पीपल – 3 gm
सुगंधबला – 3 gm
कौंच बीज – 3 gm
नागकेशर – 3 gm
रक्त चन्दन – 3 gm
नीलोफर – 3 gm
सफेद सारिवा – 3 gm
कृष्ण सारिवा – 3 gm
कीड़ा जड़ी -3 gm
ईख का रस – 768 gm
दूध – 768 gm
शक्कर – 24 gm
पानी – 12.5 लीटर
कामदेव घृत बनाने की विधि
सबसे पहले अश्वगंधा शतावरी विदारीकन्द शालपर्णी, खिरेटी, पीपल की कोंपल, कमलगट्टा, पुनर्नवा, खम्भार के फल, उड़द आदि को यवकूट करके 12.5 लीटर पानी में डालकर काढ़ा बना ले।उसके बाद चतुर्थांश रहने पर उतारकर छान ले।
काढ़ा तैयार हो जाने के बाद तैयार किये हुए औषधीय काढ़े में घी, मुनक्का, कुठ छोटी पीपल, लालचंदन, सुगंधबला, नागकेशर, कौंच बीज, नीलोफर, सारिवा, आदि को डालकर कल्क तैयार कर ले। इस तैयार किये हुए कल्क में शक्कर और ईख दूध और इतना ही पानी मिलाकर पाक करे जब पाक पूरी तरह से खत्म हो जाये तब स्वांगशीत होने के लिए रखदे। इस तरह आपका कामदेव घृत तैयार हो जाता है।
कामदेव घृत के फायदे
शीघ्रपतन में कामदेव घृत के फायदे
जिन लोगो को शीघ्रपतन की समस्या रहती है उनके लिए कामदेव घृत अत्यंत कारगर वाजीकारक आयुर्वेदिक औषधि है।इसका सेवन करने से शुक्राणुओं की संख्या बढने लगती है।
नपुंसकता में फायदेमंद है कामदेव घृत
जिन लोगो की वाजीकरण शक्ति का बचपन में की हुई गलतियों की वजह से हास हो चुका होता है उनकी खोई हुई वजिकरण शक्ति को पुन बढ़ाने के लिए कामदेव घृत बहुत लाभदायक आयुर्वेदिक औषधि है ।
शारीरिक दौर्बल्यता में लाभदायक है कामदेव घृत
जिन लोगो का शरीर बहुत कमजोर रहता है वो यदि कामदेव घृत का सेवन करे तो उनके नर्वस सिस्टम को मजबूती मिलने से व पाचन शक्ति मजबूत होने से उनका वजन बढने लगता है और कुछ महीनो के सेवन के बाद उनका शरीर सुडौल हो जाता है ।आचार्यो ने कामदेव घृत के बारे में कहा है कि किसी पौधे को पानी से सींचने के बाद जिस प्रकार पौधा वृद्धि करता है उसी प्रकार दुर्बल व्यक्ति भी इसके सेवन से पौधे की भांति ही शीघ्र शक्ति पा लेता है।
कमर दर्द के लिए श्रेष्ठ
यदि आपको नर्वस सिस्टम की कमजोरी के कारण या किसी अन्य कारण से कमर में दर्द रहता है तो यह घृत आपको कमर दर्द से राहत दिलाने में कारगर सिद्ध हो सकता है। क्योकि अत्यधिक अवस्था में कमर दर्द का कारण शारीरिक कमजोरी ही होता है । और शारीरिक कमजोरी को खत्म करने में कामदेव घृत काफी फायदेमंद साबित होता है ।
मूत्रकृच्छ्र में कामदेव घृत के फायदे
गोखरू की अच्छी मात्रा होने से यह मूत्र सम्बन्धी सभी रोगों को लाभदायक है किन्तु जिन लोगो को पेशाब करते समय कष्ट होता है उनके लिए यह बहुत श्रेष्ठ औषधि है ।
कामदेव घृत के नुकसान
आमतौर पर कामदेव घृत के कोई नुकसान नही होते है किन्तु ध्यान रहे किसी भी आयुर्वेदिक औषधि का सेवन चिकित्सक की देखरेख में ही करे क्योकि सभो औषधियों के व्यक्ति विशेष की पृकृति के आधार पर उसका परिणाम अलग- अलग हो सकता है।
सेवन विधि और मात्रा
5-15 ग्राम दिन में दो बार या चिकित्सक के निर्देशानुसार
कामदेव घृत के समान मिश्री मिलाकर गाय के दूध या गुनगुने जल के साथ सेवन करे ।
विशेष ध्यान रखें अधिक मात्रा सेवन करने से अधिक लाभ नहीं होता कई लोग एक साथ एनर्जी पाने के लिए पचास से सौ ग्राम सेवन करते हैं जिससे उनका नुकसान होना प्रारंभ हो जाता है शरीर में अत्याधिक गर्मी होने से पित्त बढ़ जाता है और शरीर में फोड़े फुंसी प्रकट होने लगते हैं। कामदेव घृत पाने हेतु संपर्क करें। व्हाट्सएप ऑर्डर के लिए 7014388201
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