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Saturday, 17 January 2026

" छोटे परिश्रमपूर्ण कामों" से आजिविका अच्छी आय मिल सकती हैं.. पर अधिकतर लोग खाली बैठे रहते हैं छोटे काम नहीं करेंगे !

बात कुछ दिन पहले की है l मैं मेरी एक सहेली के साथ मंदिर गयी थी, सुबह 9 बजे के आसपास l क्यूंकि रविवार का दिन था तो उसे और मुझे घर जाने की जल्दी नहीं थी l मंदिर के बाहर ही चाय और नाश्ते का बड़ा ही फेमस आउटलेट था l

सोचा कि थोड़ी देर ठंडी हवा और सुबह की शांति में चाय का मज़ा लिया जाए l

अपने अपने किस्से कहानियां चाय की चुस्कियों के साथ हम एक दूसरे को सुना रहे थे l

तभी वहां मंदिर के पास एक कार आकर रुकी l उसी के पास हमने हमारा स्कूटर पार्क किया हुआ था l उस कार में से एक महिला उतरी l दिखने में हमसे तो काफी कम उम्र की लग रही थी l

उसकी कार पर SMC का लोगो था जिससे लग रहा था या तो यह महिला वहां की कर्मचारी है या उसके घर परिवार में से कोई वहां नौकरी कर्ता है l

उस महिला ने काफी अच्छा सूट पहना था l नवरात्रि चल रही थी शायद इसी लिए काफी अच्छे से सजी धजी हुई थी l
एक हाथ में सुन्दर चूडिय़ां, एक हाथ में घड़ी, कान में लंबी चमकती हुई बालियां l मैं और मेरी सहेली उसे ही देखे जा रहे थे क्यूंकि वो बेहद आकर्षक लग रही थी l

हमें लगा वह मंदिर जाने के लिए आयी है l

पर उसके बाद जो हुआ वह हमारी सोच से ठीक उल्टा था l
उसने अपना पर्स निकाला, मोबाइल निकाला, ईयर प्लग कान में लगाए, मुँह पर कपड़ा बांधा, पीछे की डिक्की खोली और उसमें से उसने अपना लंबा झाड़ू और कचरा इकठ्ठा करने के लिए तगारा निकाला l और तुरंत ही अपने काम में लग गयी l

मैं और मेरी सहेली दोनों एक दूसरे को देख रहे थे l दोनों को ही आश्चर्य हुआ पर मुझे आश्चर्य के साथ खुशी भी हुई l

गाने सुनते सुनते बड़ी तल्लीनता के साथ वह अपना काम जल्दी जल्दी निपटा रही थी l

मेरी सहेली बोली,” आज मिडल क्लास लोग कार नहीं ले पाते, हमारी कार की ईएमआई चल रही है और झाड़ू निकालने वाली खुद कार चला कर आयी है l”

“आज तक स्कूटर वाली तो देखी थी पर कार चलाने वाली झाड़ू वाली नहीं देखी l ग़ज़ब ज़माना आ गया है l “ वह फिर से बोली-

मैंने उससे पूछा , ”कि तुझे आश्चर्य हो रहा है या जलन “ ?

वह बोली “जलन नहीं हो रही है, मैं क्यूँ उससे जलन करूंगी, उसका और मेरा क्या कम्पैरीजन है l मैं इतनी पढ़ी लिखी हूं l

 हाँ पर लग रहा है कि झाड़ू निकालने वाले ऐसे ऐश में घूम रहे तो अपने इतने पढ़ने लिखने का क्या फायदा l”

मैं कुछ बोली नहीं l

तभी वह महिला बोली, “ दीदी आपका है यह स्कूटर ? “

मैंने हाँ में सर हिला दिया l

वह बोली, “ इसे साइड में लेना पड़ेगा , मुझे वहां सफाई करनी है “l
हम भी घर के लिए निकलने वाले थे, मैंने उसे बोला कि दो मिनट रुको l

मैंने स्कूटर निकाला l

उस महिला को मैंने बोला आपका सूट बहुत अच्छा लग रहा है l

उसने अपना कपड़ा चेहरे से हटाया और हंस के मुझे थैंक्यू बोला l वह बोली, “मेरे पति ने गिफ्ट किया है, मेरा आज हैप्पी बर्थडे है l”

मैंने उसे विश किया l

मैंने कहा, “ आप तो कम उम्र की लग रही हो, इतनी जल्दी शादी भी होगई l “

वह बोली, “हाँ मैं दसवीं पास हूं, 18 साल की उम्र में शादी होगई, मेरे पति भी SMC मेन ब्रांच में सफाई कर्मी है l और सास ससुर भी रेल्वे में चपरासी हैं l

मैंने पूछा, “ तुम्हें कार चलाना किसने सिखाया “?

वह बोली, “ ये हमारी कार है, मेरे पति ने सिखाई l वह बोलते हैं कि हम सब तो बिल्डिंग के अंदर काम करते हैं, तुम पूरे दिन धूप में सड़कों पर काम करती हो तो कार तुम्हारे ज्यादा काम आयेगी मेरी सास को भी आती है कार चलाने l “

उसके पति की सोच पर मुझे गर्व महसूस हुआ l 2 मिनट तो उसकी बातें सुनकर मैं चुप होगई l

मैंने उसे कहा, “ बहुत अच्छा है ये तो “l

मैंने अपना स्कूटर चालू किया तो वो बोली, “ दीदी एक मिनट रुको l अपने पर्स में से एक कार्ड निकाला और मुझे दिया और बोली कि मेरे ससुर और पति फ्रिज,कूलर और भी घर का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस सही करने का काम भी करते हैं l

और मेरी सास और मैं घर में कोई शादी समारोह हो तो काम करने के लिए आ जातें है, दिवाली की सफाई भी हम कर देते हैं l आपको या किसी को जरूरत हो तो इस नंबर पर कॉल कर देना l”

उसे अभिवादन करके हम निकल गए वहां से l

मेरी सहेली बोली, “ क्या पंचायत करने लग गयी थी उससे “l

मैंने कहा पंचायत नहीं कर रही थी पर तेरे सवाल का जवाब मिल गया मुझे l

वो बोली , “ कैसे “?

मैंने कहा, “ वह गुजरात गवर्नमेंट जॉब में है l आजकल तो पढ़े-लखे लोग भी इसके लिए आवेदन करने लग गए हैं पेपर में इतना तो आता है क्योंकि सैलरी के साथ दूसरे गुजारे भत्ते मिलते और भी सुविधाएं मिलती हैं इन्हें l

इसके घर चार मेंबर हैं और चारों ही गवर्नमेंट जॉब में हैं l सोच चारों मिलकर अच्छा खासा कमा लेते होंगे l और ड्यूटी के बाद भी ये लोग घर पर नहीं बैठते, एक्स्ट्रा सोर्स ऑफ इंकम है इनके पास इतने l तो जब ये इतना कमाते हैं तो खर्च करना तो बनता है “l

वह बोली, “ तो सब को पढ़ाई छोडकर ये काम करने चाहिए है ना? कल से मैं भी झाड़ू लगाने लग जाऊँ फिर तो “?

मैंने कहा, “ नहीं मैं ऐसा नहीं बोल रही की सबको ये करना चाहिए या नहीं l ज्यादातर लोगों की नजर में ये छोटे काम होते l वो खाली बैठ जाएंगे पर ऐसे काम नहीं करेंगे l 

पर इन लोगों के लिए काम काम है, छोटा बड़ा ये नहीं देखते l

 इसलिए वेे बिना झिझक काम कर भी लेते और कमा भी लेते l

और हमे कोई अधिकार नहीं की हम उन्हें जज करें l “

वो चुप हो गई पर उसके हाव भाव से मुझे लगा कि वह मेरी बात से सहमत नहीं थी l खैर सब की अपनी अपनी सोच होती है l

पर मुझे रियल में उस महिला से मिलकर और बातें करके बहुत अच्छा लगा l भगवान उसे हमेशा प्रसन्न और संपन्न रखे।
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✍️ Sunita Pal
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वयं राष्ट्रे जागृयाम 

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