(१) पीने का सिरप
खांसी बलगम कफ और कमजोर फेफड़ों का उपचार करने के लिए -
दो शकरकंद दो पहाड़ी आलू एक चुकंदर तीन को एक घंटे जगरे में भूनकर।
उनको छील कर मिक्सी में दूध डालकर घोट ले
इसमें कास-अमृत भस्म एक दो चुटकी डालकर पी लें।
बच्चे बूढे को भी आवश्यक हो तो यह औषधि पिला सकते हैं ।
साभार - Pramod Asaudhiya
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(२) होम ( हवन - धूनी ) चिकित्सा
(सर्दियों में नजला जुकाम खांसी और छाती में जमें कफ के लिए )
एक सिल्वर फॉइल में दो चम्मच कॉफी, आधा चम्मच दालचीनी और चार-पांच लौंग डालकर आग पर गरम करें.. धूनी आने लगे तो सावधानी से धूनी पूरे घर में घुमायें ।
( गर्म पात्र हैं यह ध्यान रखते हुए आपको या अन्य किसी सदस्य को नुक्सान न पहुंचे )
जब यह धुआं नाक से होता हुआ आपके शरीर में जायेगा तो भांति भांति के रोग दूर करेगा
सप्ताह में दो बार यह उपचार करें ।
✍️ _निशांत गुप्ता_
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_वयं राष्ट्रे जागृयाम_
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