" राग दरबारी कानड़ा "
यह " शिवरंजनी " की तरह एक राग हैं..
जो ध्यान साधना में बहुत उपयोगी है।
संगीतकार तानसेन ने यह राग विकसित की थी .. यह पुरुष प्रधान राग हैं । प्रारंभ में पुरुष गायक के द्वारा गायी जाती थी।
इस राग को यू ट्यूब पर एक स्त्री गायिका ने गा कर परिचय दिया है - Priyani Vani Panditt गायिका के मधुर स्वर के साथ लय-ताल मिलाते हुए वाद्ययंत्र बजाने वाले कलाकारों का कौशल ..
इतिहास में 1945 से अनिल विश्वास के गीत से बने सिनेमा गीतों का बढ़ते क्रम में क्रमशः 1984 में बप्पी लहरी के गीत तक बहुत सुंदर और रुचिकर प्रस्तुति..
गायिका और वाद्य कलाकारों सहित पूरी टीम की हृदय से प्रसंशा 🌹
🙏सादर वंदन अभिनंदन 💐
https://youtu.be/wUoAyC2m0DM?si=ano3uPqD-LtYgd9m
वयं राष्ट्रे जागृयाम
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