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Friday, 30 January 2026

यज्ञ से मानसिक और शारीरिक रोगो की चिकित्सा

।।ओ३ म्।।

(१) मानसिक रोग :: उन्माद रोग -चिकित्सा
1.-गुग्गुल --100ग्राम
2.-हींग -10 ग्राम 
3.पीली सरसों 200 ग्राम 
4.-तुलसी का पौधा -1पंचांगसहित 
5.-अपामार्ग (चिड़चिड़ी -
  -1पौधा )
सामान्य 250 ग्राम हवन -समग्री में उपर्युक्त सामग्रियों को मिला कर सामान्य यज्ञ के पश्चात् आहुतियां दें ।
मंत्र हैं- क-गायत्री मंत्र
          ख-विश्वानि देव o
          ग- त्र्यम्बकं यजामहे o
          घ.-यतो यत:समीहसेo
          ड.--नम:शम्भवाय चo
          च-तच्चक्षुर्देवहितं०
इक्वायन आहुतियां दें। अवश्य लाभ होगा ।

(२) तपेदिक ( टी बी) रोग 
 1..समुद्री गुग्गुल अथवा नहीं मिलने पर शुद्ध गुग्गुल 200ग्राम 
2.जटामांसी 50ग्राम 
3.जायफल 5 नग (पीस) 4.जावित्री 10ग्राम
5. गुड़ 200ग्राम 
6. .गुरुच 50 ग्राम 
7. केशर1डिब्बी
8. कस्तूरी -1डिब्बी 
9. नागरमोथा -100ग्राम 
10. तेज पत्र,-10 ग्राम 
11. .मखाना - 50ग्राम 
12. गुलब फूल सूखा -10ग्राम
13. पलाश फूल सूखा -10
14. शहद -100ग्राम
15. पंचमेवा -20ग्राम
 
(३) मोतीझरा (टाइफाइड) रोग -चिकित्सा 
 1.अरवा चावल -250 ग्राम 
  2.गुड 100। ग्राम 
  3 छुहाडा--50ग्राम 
  4मुनक्का --50ग्राम
  5-किशमिश 50 ग्राम 
 उपर्युक्त मंत्रों से 51 आहुतियां दें।
यज्ञाग्नि में गोघृत /शुद्ध देशी घृत का प्रयोग करें।
अग्नि बुझने पर कपूर से प्रज्वलित करें।

पंडित प्रोफसर डॉ व्यास नंदन जी शास्त्री 
आर्यों का महाकुंभ ग्रुप से 

वयं राष्ट्रे जागृयाम 

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