जिस भूमि पर रात्रि में गाने बजाने की आवाज आये और रात के अंतिम पहर में , अंधकार में भी प्रकाश दिखाई दे वहाँ जमीन के नीचे निश्चय ही विपुल धन गड़ा समझें ।
जहाँ नित्य सर्पों का दर्शन हो , नेवले का दर्शन या बिल हो और गिरगिट जहाँ नित्य दिखता हो ।
प्रातः काल और सायं काल जिस स्थान पर खंजन पक्षी उत्तर की और मुँह करके बैठे वहाँ भी निश्चय गड़ा जानें ।
तत्र स्यांनिश्चितम निधि: ।वहाँ निश्चय धन जानें।
ऐसे ही जिस स्थान पर लाल रंग का साँप और लाल चीटियाँ नित्य दिखाई दें वहाँ निश्चय ही धन गड़ा हो ।
तत्र द्रव्यम न संशयः । वहाँ धन हो इसमें संशय न करें
जिस स्थान पर शयन करने से प्रतिदिन स्वप्न में देवता , अग्नि ,ब्राह्मिण और दूध दही आदि दिखाई पढ़ें ,जहां तुलसी पौधा स्वयं उग आए नीम पीपल के पेड़ हों वहां निश्चय ही देवताओं का वास जानें ।
देवानां दर्शनम यत्र विप्राणां दर्शनम तथा ।
यत्राग्निदृष्यते स्वप्ने गव्यानाम दर्शनम तथा ।।
तुलसी स्वयंमुत्पन्ना यत्र तत्र च भूतले।
निम्बाश्वथादिवृक्षाश्च तत्र देवो न संशय:।।
ऐसा महर्षि लोमश का मत है ।
भारत भूषण गौड़ , ज्योतिषाचार्य
सम्पर्क :-- 8810639340
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