माननीय धर्मेन्द्र प्रधान जी का त्यागपत्र-केन्द्र
सरकार ने इसमें अद्भुत् कुशलता का परिचय दिया है। भौतिक विज्ञान में या इंजीनियरिंग में गणित पद्धति पढ़ी थी-Method of successive approximation. अधिकांश गणित समीकरण का कोई सीध हल सम्भव नहीं है। हल का कई बार अनुमान लगाते हैं तथा बार बार गणना कर अशुद्धि को क्रमशः कम करते हैं। भारतीय गणित ज्योतिष में इसे असकृत् पद्धति कहा गया है। सकृत् पद्धति में एक ही बार गणना होती है। राजनीति में यह पद्धति १९७० में एक पूर्व सांसद ने समझायी थी। यदि १० अरब की लूट का आरोप लगता है, तो सरकार द्वारा एक विरोधी दल सांसद की सेवा ली जाती है। उसके द्वारा अपने विरुद्ध १० करोड़ के गबन का आरोप संसद में लगवाते हैं। बहस में सरकार द्वारा १० लाख का गबन स्वीकार कर जांच करवाई जाती है। जांच के बाद १० हजार के गबन का आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल होता है। निर्णय के लिए अगले जन्म की प्रतीक्षा करें।
वर्तमान काल में यूजीसी कानून आने के बाद लोगों में असन्तोष हुआ कि भाजपा सरकार द्वारा सवर्णों का दमन लगातार बढ़ता जा रहा है तथा हजारों झूठे केस में उनको फंसा रहे हैं। इस पर आन्दोलन करने या जन्तर मन्तर पर धरना देने की अनुमति २ वर्ष तक नहीं मिली। तब सरकार ने अपने विरुद्ध अन्य आरोप लगवाने के लिए काॅकरोच जनता पार्टी बनवाई तथा यह नाम भी सरकार द्वारा ही दिया गया। भाजपा सांसद श्रीमती बांसुरी स्वराज के अनुसार उसके नेता श्री अभिजित दिपके को अमेरिका से बुलाकर एयरपोर्ट पर ही पुलिस द्वारा २७ दिन तक जन्तर मन्तर पर धरना देने की अनुमति दी गयी जिसका उन्होंने आवेदन भी नहीं किया था। सामान्य तोड़फोड़ तथा पुलिस पिटाई के बाद शिक्षा मन्त्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा करवा दिया। इस सेवा के लिए उनको और बड़ा पद मिलेगा।
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✍️ अरुण कुमार उपाध्याय
( 25/7/2026 ईस्वी फेसबुक पोस्ट )
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