यह बात हिंदी तिथि हो या अंग्रेजी तारीख — दोनों पर लागू होती है, लेकिन तरीका अलग-अलग समय में अलग रहा है।
नीचे पूरा स्पष्ट तरीका समझिए:
1. आज के समय में — अंग्रेजी तारीख से मूलांक निकाले जाते है।
आज हम जिस अंग्रेजी कैलेंडर की तारीख का उपयोग करते हैं, उसी की जन्म तिथि के अंकों को जोड़कर मूलांक निकाला जाता है।
उदाहरण
जन्म: 14-08-1995
→ सिर्फ जन्म दिन (14) को जोड़ते हैं:
1 + 4 = 5
मूलांक = 5
2. हिंदी/चंद्र तिथि से मूलांक कैसे?
पुराने समय में जब अंग्रेजी डेट सिस्टम नहीं था, तब लोग अपनी जन्म तिथि (प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया… पूर्णिमा, अमावस्या) से ही अंक निकालते थे।
तरीका पूर्व काल का
हर तिथि का एक अंक तुल्य माना गया था:
हिंदी तिथि
अंक
प्रतिपदा
1
द्वितीया
2
तृतीया
3
चतुर्थी
4
पंचमी
5
षष्ठी
6
सप्तमी
7
अष्टमी
8
नवमी
9
दशमी
1
एकादशी
2
द्वादशी
3
त्रयोदशी
4
चतुर्दशी
5
पूर्णिमा
7
अमावस्या
9
इन अंकों को मूलांक जैसा माना जाता था।
उदाहरण
यदि कोई अष्टमी को जन्मा:
अष्टमी = 8
मूलांक = 8
3. सवाल: जब Gregorian Date नहीं थी तब क्या करते थे?
1= पुराने समय में लोग सूर्यसिद्धांत और चंद्रसिद्धांत के आधार पर जन्म तिथि लिखते थे
2=
यह तिथि तिथि + नक्षत्र + पक्ष + मास में होती थी
3= अंक शास्त्री केवल "तिथि का अंक" लेकर मूलांक निकालते थे।
यह परंपरा आज भी कुछ परम्परागत परिवारों में है।
आज – अंग्रेजी तारीख से मूलांक
पहले – हिंदी तिथि से मूलांक तिथि = अंक
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