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Friday, 12 December 2025

कटेरी (कंटकारी) अपने औषधीय गुण और उपयोग

कटेरी (कंटकारी) अपने औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है, जो खांसी, अस्थमा, बुखार, पेट दर्द, लिवर और त्वचा रोगों में फायदेमंद है; यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है, पाचन सुधारती है, सूजन कम करती है और श्वसन संबंधी समस्याओं, जैसे बलगम और सांस लेने में कठिनाई में राहत देती है, जिसके लिए इसके फूल, जड़ और फल का उपयोग काढ़े, चूर्ण या लेप के रूप में किया जाता है. 
कटेरी के प्रमुख औषधीय गुण और उपयोग:
श्वसन स्वास्थ्य (Respiratory Health):
खांसी, सर्दी, अस्थमा और ब्रोंकाइटिस में बलगम साफ कर राहत देती है.
इसके फूलों का चूर्ण शहद के साथ या जड़ का काढ़ा पीने से फायदा होता है.
पाचन (Digestion):
पाचन अग्नि को उत्तेजित करती है, गैस, सूजन और कब्ज कम करती है.
पाचन सुधारने के लिए जड़ का चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लिया जाता है.
दर्द और सूजन (Pain & Inflammation):
गठिया, जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द में सूजन-रोधी गुणों के कारण लाभकारी है.
पत्तियों का पेस्ट लगाने या काढ़े से कुल्ला करने से दांत दर्द में आराम मिलता है.
रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity):
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है.
त्वचा और बाल (Skin & Hair):
मुंहासे और त्वचा संक्रमण में पत्तों का पेस्ट लगाने से लाभ होता है.
गंजेपन और बालों के झड़ने को रोकने के लिए इसके रस को शहद के साथ सिर पर लगाते हैं.
अन्य लाभ:
सिरदर्द: फल के रस का लेप माथे पर लगाने से आराम मिलता है.
लिवर: लिवर को स्वस्थ रखती है और शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालती है.
आंखें: आंखों के दर्द और लालिमा में पत्तियों का लेप फायदेमंद है. 
उपयोग के तरीके:
काढ़ा: खांसी और बुखार के लिए जड़ या फल का काढ़ा बनाते हैं.
चूर्ण: पाचन और खांसी के लिए फूलों या जड़ का चूर्ण.
पेस्ट/लेप: पत्तियों का पेस्ट त्वचा और आंखों पर लगाते हैं.
धुआं: दांत दर्द के लिए बीजों का धुआं लेते हैं. 
सावधानी: किसी भी औषधीय पौधे का उपयोग करने से पहले, विशेषकर यदि आप गर्भवती हैं या कोई अन्य दवा ले रही हैं, तो किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लेना महत्वपूर्ण है.
साभार -लाईलाज बिमारी का इलाज - फेसबुक पेज 
संदर्भ - https://www.facebook.com/share/p/19vjWs7wXf/

वयं राष्ट्रे जागृयाम 

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