महा-नृसिंह उलट बाणः
शत्रु, जादू-टोना, कीलन, भूत-प्रेत और ३३ कोटि देवी-देवता के बंधनों को क्षण भर में छिन्न-भिन्न करने वाली परम शक्तिक्षशत्रुओं के तंत्र को भस्म करने वाला अचूक अस्त्र ... पूरे विधि-विधान सहित ध्यान से पढ़ो
जब शत्रु अदृश्य हो… तब प्रहार भी अदृश्य होना चाहिए।
समय: मंगलवार / शनिवार / अमावस्या रात्रि
दिशा: दक्षिणमुख
आसन: लाल आसन
दीपक: चमेली तेल
भोग: गुड़ + चना
जप: 5 माला (रुद्राक्ष/मूंगा) एक बार सिद्धि
ॐ नमो आदेश गुरु को। सिंह चढ़े नरसिंह आवें, कड़क कड़क ब्रह्मांड हिलावें। उलटत काया, पलटत बाण, जाको भेजा वाही के प्राण। खैच-खैच अरि-दल को मार, जा उलट जा रे दुष्ट की धार। लोहे की लाठ, वज्र की कील, उलट जा टोना, पलट जा मील। जहं से आया वहीं को जाय, उलट-पलट बैरी को खाय। नृसिंह की दढ़, काल का ग्रास, कर दे बैरी का सत्यानाश। दुहाई नृसिंह देव की, दुहाई प्रहलाद की, शब्द साँचा, पिण्ड काँचा, फुरो मन्त्र ईश्वरो वाचा।
तत्काल प्रयोग (Instant Use)
1. नींबू उतारा (शत्रु पलट वार)
नींबू पर “क्रूं” या शत्रु नाम लिखें
21 बार मंत्र जप
7 बार सिर से पैर तक उतारें
काटकर बाहर फेंक दें
2. सरसों-नमक प्रहार (तंत्र भस्म)
काली सरसों + नमक हाथ में लें
11 बार मंत्र जप
घर के बाहर फेंक दें
परिणाम
तंत्र, टोना, बंधन तुरंत कटता है
शत्रु की शक्ति उसी पर पलटती है
घर-परिवार पर नृसिंह कवच सक्रिय होता है
नियम: केवल आत्म-रक्षा हेतु प्रयोग करें
जो नहीं टूटता साधारण उपायों से…
वो टूटता है महाकाली तंत्र की शक्ति से।
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