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Thursday, 30 April 2026

संक्षिप्त शरभ पूजन

🌹संक्षिप्त शरभ पूजन🌹 -
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ॐ गुं गुरुभ्यो नमः 
ॐ श्री गणेशाय नमः 
ॐ श्री सांब सदाशिवाय नम: 
ॐ ह्रीं दूं दुर्गायै नमः
ॐ श्री शरभेश्वराय नम: 

फिर आचमनी या चमच से चार बार बाए हाथ से दाहिने हाथ पर पानी लेकर पिए 

ॐ आत्मतत्वाय स्वाहा 
ॐ विद्या तत्वाय स्वाहा 
ॐ शिव तत्वाय स्वाहा 
ॐ सर्व तत्वाय स्वाहा

उसके बाद गुरु मंडल का ध्यान कर पूजन के स्थान पर पुष्प अक्षत अर्पण करे 

ॐ श्री गुरुभ्यो नमः 
ॐ श्री परम गुरुभ्यो नमः 
ॐ श्री पारमेष्ठी गुरुभ्यो नमः

गुरु मंत्र का कमसे कम 5 बार जाप करे 

उसके बाद अपने आसन का स्पर्श करे और पुष्प अक्षत अर्पण करे

ॐ पृथ्वीव्यै नमः

अब तीन बार सर से पाँव तक हाथ फेरे 

ॐ श्री शरभेश्वराय नमः आत्मानं रक्ष रक्ष

अब जल के पात्र को गंध लगाकर अक्षत पुष्प अर्पण करे

ॐ कलश मण्डलाय नमः

अब गणेशजी का ध्यान करे और पुष्प अक्षत अर्पण करे 

वक्रतुंड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ 
निर्विघ्नं कुरु में देव सर्व कार्येषु सर्वदा

ॐ श्री गणेशाय नमः का 11 या 21 बार जाप करे

अब भगवान शिव का ध्यान कर पुष्प अक्षत या बेल अर्पण करे 

ॐ नम: शंभवाय च मयोभवाय च 
नम: शंकराय च मयस्कराय च 
नम: शिवाय च शिवतराय च 

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र प्रचोदयात् 

ॐ नम: शिवाय का 5 या 11 बार जाप करे 

फिर भैरव जी का स्मरण करे और पुष्प अक्षत अर्पण करे 

ॐ भं भैरवाय नमः

अब शरभेश्वर का ध्यान करे 

शरभेश्वर ध्यान मंत्र :- 
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चंद्रार्काग्निस्त्रिदृष्टि: कुलिशवर नखश्चन्चलो अतिउग्रजिव्ह: ! 
काली दुर्गा च पक्षौ हृदय जठरगो भैरवो वाडवाग्नि : ! 
उरुस्थौ व्याधि मृत्यु शरभवरखगश्चंड वाताति वेग: ! 
संहर्ता सर्वशत्रून सजयति शरभ: शालुव: पक्षिराज: !!

( यहाँ पर आप भगवान शरभेश्वर के आवाहन हेतु शरभ हृदय स्तोत्र का
 श्रद्धापूर्वक पाठ कर सकते है ) 

आवाहन कर उनका पंचोपचार पूजन करे 

ॐ श्री शरभेश्वराय नम: गंधं समर्पयामि 

ॐ श्री शरभेश्वराय नम: पुष्पं समर्पयामि 

ॐ श्री शरभेश्वराय नम: धूपं समर्पयामि 

ॐ श्री शरभेश्वराय नम: दीपं समर्पयामि 

ॐ श्री शरभेश्वराय नम: नैवेद्यं समर्पयामि

अब भगवान शरभेश्वर के लिये पुष्प अक्षत या बेल अर्पण करते जाये .. 

 ॐ नमो भगवते महाशिवाय पक्षिराजाय शरभेश्वराय हुं फट स्वाहा 

ॐ पक्षीराजाय नम: 
ॐ आकाशभैरवाय नम: 
ॐ शालुवेषाय नम: 
ॐ अष्टपादाय नम: 
ॐ आशुगरुडाय नम: 
ॐ महाशिवाय नम: 
ॐ शरभेश्वराय नम: 

अब भगवान शरभ के स्तोत्र का पाठ करे 

शरभ अष्टक स्तोत्र 

देवादिदेवाय जगन्मयाय शिवाय नालिक निभाननाय !
शर्वाय भीमाय शराधिपाय नमोस्तु तुभ्यं शरभेश्वराय !!१!! 

हराय भीमाय हरिप्रियाय भवाय शांताय परात्पराय ! 
मृडाय रुद्राय त्रिलोचनाय नमोस्तु तुभ्यं शरभेश्वराय !!२!! 

शीतांशुचूडाय दिगंबराय सृष्टिस्थितीध्वंसन कारणाय !
जटाकलापाय जितेंद्रियाय नमोस्तु तुभ्यं शरभेश्वराय !!3!! 

कलंककंठाय भवांतकाय कपालशूलात्त करांबुजाय !
भुजंगभूषाय पुरांतकाय नमोस्तु तुभ्यं शरभेश्वराय !!4!! 

शमादिषटकाय यमांतकाय यमादियोगाष्टक सिद्धिदाय ! 
उमाधिनाथाय पुरातनाय नमोस्तु तुभ्यं शरभेश्वराय !!5!! 

घृणादिपाशाष्टक वर्जिताय खिलीकृतास्मत्पथिपूर्वगाय ! 
गुणादिहिनाय गुणत्रयाय नमोस्तु तुभ्यं शरभेश्वराय !!6!! 

कालायवेदामृत कंदलाय कल्याणकौतुहल कारणाय ! 
स्थूलाय सूक्ष्माय स्वरुपगाय नमोस्तु तुभ्यं शरभेश्वराय !!7!! 

पंचाननायनिलभास्कराय पंचाशदावर्णाद्य पराक्षराय ! 
पंचाक्षरेशाय जगद्धिताय नमोस्तु तुभ्यं शरभेश्वराय !! ८!!

नीलकंठाय रुद्राय शिवाय शशिमौलिने ! 
भवाय भवनाशाय पक्षिराजाय ते नम: !! 

परात्पराय घोराय शंभवे परमात्मने !
शर्वाय निर्मलांगाय सालुवाय नमो नम: !! 

गंगाधराय सांबाय परमानंद तेजसे ! 
सर्वेश्वराय शांताय शरभाय नमो नम: !! 

वरदाय वरांगाय वामदेवाय शूलिने ! 
गिरीशाय गिरीशाय गिरिजापतये नम: !! 

सर्वेश सर्वाधिक शांतमूर्ते कृतापराधान मरानथान्यान ! 
विनिय विश्व विधायिनिते नमोस्तु तुभ्यं शरभेश्वराय !!

अब भगवान शरभेश्वर को अर्घ्य दे 

ॐ पक्षिराजाय विद्महे आकाशभैरवाय धीमहि तन्नो शरभ: प्रचोदयात् 

ॐ शालुवेषाय विद्महे पक्षिराजाय धीमहि तन्नो शरभ: प्रचोदयात्

यहाँ पर आप चाहे तो भगवान शरभेश्वर के अष्टोत्तर शत नामावली(108 नाम ) के एकेक नाम को पढते हुते पुष्प अक्षत या बेल अर्पण कर सकते है  

अब नीचे दिये हुये शरभ माला मंत्र को पढकर पुष्पांजली प्रदान करे 

शरभ माला मंत्र

ॐ नम: पक्षिराजाय निशि कुलिश वर दंष्ट्रा नखायानेक कोटि ब्रह्म कपाल मालालंकृताय सकल कुल महानागभूषणाय सर्वभूतनिवारणाय नृसिंहगर्व निर्वापण कारणाय सकलरिपु रंभाटवी विमोटन महानिलाय शरभ सालुवाय ह्रां ह्रीं ह्रूं प्रवेशय प्रवेशय रोग ग्रहं बंधय बंधय बालग्रहं बंधय बंधय आवेशय आवेशय भाषय भाषय मोहय मोहय कंपय कंपय बंधय बंधय भूतग्रहं बंधय रोगग्रहं बंधय यक्षग्रहं बंधय पातालग्रहं बंधय चातुर्थग्रहं बंधय भीमग्रहं बंधय अपस्मारग्रहं बंधय उन्मत्तग्रहं बंधय राक्षसग्रहं बंधय ग्रहं बंधय ज्वालामुख ग्रहं बंधय तमोहार ग्रहं बंधय भूचरग्रहं बंधय खेचरग्रहं बंधय वेतालग्रहं बंधय कूष्मांडग्रहं बंधय स्त्रीग्रहं बंधय पापग्रहं बंधय विक्रमग्रहं बंधय व्युत्क्रमग्रहं बंधय प्रेतग्रहं बंधय पिशाचग्रहं बंधय आवेशग्रहं बंधय अनावेश ग्रहं बंधय सर्वग्रहान मर्दय सर्वग्रहान त्रोटय त्रोटय प्रैं त्रैं हैं मारय शीघ्रं मारय मुंच मुंच दह दह पच पच नाशय नाशय सर्वदुष्टान नाशय ह्रूं फट स्वाहा !! 

फिर एक आचमनी जल अर्पण करे 

अनेन पूजनेन श्री शरभेश्वर देवता प्रीयतां मम .. ॐ तत्सत ..

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