ॐ नमो भगवते आकाशभैरवाय निखिललोकप्रियाय प्रणत जन परिताप विमोचनाय , सकल भूत निवारणाय सर्वाभीष्टप्रदाय नित्याय सच्चिदानंदविग्रहाय , सहस्रबाहवे सहस्रमुखाय सहस्रत्रिलोचनाय सहस्रचरणाय करालाय अखिलरिपुसंहारकारणाय , अनेककोटिब्रह्मकपाल माला अलंकृताय नररुधिरमांस भक्षणाय महाबलपराक्रमाय महदंतराय , विषमोचनाय परमंत्र यंत्र तंत्र विद्या विच्छेदनाय प्रसन्नवदनांबुजाय एहि एहि आगच्छागच्छ , ममाभीष्टमाकर्षयाकर्षय आवेशयावेशय मोहय मोहय भ्रामय भ्रामय द्रावय द्रावय तापय तापय सिद्धय सिद्धय बंधय बंधय भाषय भाषय क्षोभय क्षोभय भूतप्रेतादि पिशाचान्मर्दय भूतपिशाचान्मर्दय कुर्दय कुर्दय पाटय पाटय मोटय मोटय गुंफय गुंफय कंपय कंपय ताडय ताडय त्रोटय त्रोटय भेदय भेदय छेदय छेदय चंडवातातिवेगाय संतत गंभीर विजृंभणाय , संकर्षय संकर्षय संक्रामय संक्रामय प्रवेशय प्रवेशय स्तोभय स्तोभय स्तंभय स्तंभय तोदय तोदय खेदय खेदय तर्जय तर्जय गर्जय गर्जय नादय नादय रोदय रोदय घातय घातय वेतय वेतय सकल रिपु जनान छिंधि सकल रिपु जनान छिंधि भिंदय भिंदय अंधय अंधय रुंधय रुंधय नर्दय नर्दय बंधय बंधय श्रीं ह्रीं क्लीं कल्याणकारणाय श्मशानानंद महाभोगप्रियाय देवदत्तं आनय आनय दूनय दूनय केलय केलय मेलय मेलय प्रपन्न वत्सलाय प्रतिवदन दहनामृत किरण नयनाय सहस्रकोटि वेताल परिवृत्ताय मम रिपुन उच्चाटय उच्चाटय नेपय नेपय , तापय तापय सेचय सेचय मोचय मोचय लोटय लोटय स्फोटय स्फोटय ग्रहण ग्रहण अनंत वासुकि तक्षक कर्कोटक पद्म महापद्म शंख गुलिक महानागभूषणाय , स्थावर जंगमानां विषं नाशय नाशय प्राशय प्राशय भस्मी कुरु भस्मी कुरु भक्तजनवल्लभाय सर्गस्थितिसंहारकारणाय कथय कथय सर्व शत्रून उद्रेकय उद्रेकय विद्वेषय विद्वेषय उत्सादय उत्सादय उत्पाटय उत्पाटय बाधय बाधय साधय साधय दह दह पच पच शोषय शोषय पेषय पेषय दूरय दूरय मारय मारय भक्षय भक्षय शिक्षय शिक्षय समस्त भूतं शिक्षय शिक्षय श्रीं ह्रीं क्लीं क्ष्म्रयैं अनवरत तांडवाय आपदुद्धारणाय साधुजनान तोषय तोषय भूषय भूषय पालय पालय शीलय शीलय काम क्रोध लोभ मोह मद मात्सर्य शमय शमय दमय दमय त्रासय त्रासय शासय शासय क्षिति जल दहन मारुत गगन तरणि सोमात्मशरीराय शम दमोपरति तितिक्षा समाधानं श्रद्धां दापय दापय प्रापय प्रापय विघ्नं विच्छेदनं कुरु कुरु रक्ष रक्ष क्ष्म्रयैं क्लीं ह्रीं श्रीं ब्रह्मणे स्वाहा !!
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